
MP High Court Gwalior Bench: मध्य प्रदेश के पुलिस थानों (Police Station) में खराब क्वाॅलिटी के लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों को हटाए जाएंगे और अब उनकी जगह नए हाईटेक कैमरे लगाए जाएंगे. इनको लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है. गृह विभाग ने टेंडर जारी कर दिए हैं. योजना के तहत 1160 थानों में अतिरिक्त मॉनिटर और 3429 नए कैमरे इंस्टॉल किए जाएंगे, जिनमें ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी. इस पर ₹28.41 करोड़ होंगे. पुलिस विभाग को यह कार्रवाई मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के कड़े रुख के कारण करना पड़ी.
क्या था मामला?
ग्वालियर के मुरार की दो महिलाओं ने पुलिस पर अवैध हिरासत का आरोप लगाया था. हाई कोर्ट ने थाने के सीसीटीवी फुटेज पेश करने को कहा. पुलिस ने एक कैमरे के खराब होने की जानकारी दी, जिसके बाद कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया. पुलिस ने बताया कि कैमरा खराब हो चुका है और उसे बदलना होगा. अब दो तरह के कैमरे लगाए जाएंगे. इसमें 2573 डोम कैमरा थानों के अंदर और 856 बुलेट कैमरा बाहर और खुले स्थानों पर इंस्टॉल होंगे. इसके बाद हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया.
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सुप्रीम कोर्ट के 2015 के आदेश के बाद प्रदेश भर के थानों में ये कैमरे लगाए गए थे. 2021 में कोर्ट ने इनकी स्थिति सुधारने के विस्तृत निर्देश दिए लेकिन अब इनमे से ज्यादातर कैमरे खराब हो चुके हैं. वर्तमान में कैमरों के रखरखाव की जिम्मेदार एजेंसी पर 1.97 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है, क्योंकि शिकायतों के बावजूद इसके द्वारा सुधार का कार्य नहीं हुआ. मप्र हाईकोर्ट मुरार पुलिस को 2021 के आदेश बाद लगाए गए 9 सीसीटीवी कैमरों ने के फुटेज की जानकारी देने के लिए कहा है. कोर्ट को यह भी बताया गया है कि फुटेज की स्टोरेज क्षमता 18 माह है.
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