The Kerala Story 2: विपुल शाह (Vipul Shah) ने भारतीय सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. उनकी फिल्मों में हमेशा बड़े स्केल, गहरे इमोशन्स और समाज से जुड़े मुद्दों का एक अनोखा मेल देखने को मिलता है. 'आंखें' जैसी फिल्म से फैमिली ड्रामा को नए सिरे से परिभाषित करने से लेकर, 'नमस्ते लंदन', 'हॉलिडे: ए सोल्जर इज नेवर ऑफ ड्यूटी' और 'कमांडो' के जरिए देशभक्ति का जज्बा जगाने तक, शाह ने बार-बार यह साबित किया है कि वह ऐसी कहानियों को चुनने का हुनर रखते हैं जो सीधे आम जनता के दिल को छूती हैं. उनका बैनर, सनशाइन पिक्चर्स, खास तौर पर ऐसी निडर और चर्चा छेड़ने वाली फिल्मों का पर्याय बन चुका है जो कड़वी सच्चाइयों को दिखाने से पीछे नहीं हटतीं.
ऑफिशियल ट्रेलर रिलीज
'सनशाइन पिक्चर्स' ने अब यह एलान कर दिया है कि 'द केरला स्टोरी 2 – गोज बियॉन्ड' को इसकी मूल हिंदी भाषा के साथ-साथ तेलुगू और कन्नड़ में भी रिलीज किया जाएगा. इन दोनों भाषाओं में ऑफिशियल ट्रेलर भी रिलीज कर दिए गए हैं. इस कदम से यह फिल्म अब भाषाई और क्षेत्रीय सीमाओं को पार करते हुए कहीं ज्यादा बड़े दर्शकों तक पहुंचने के लिए तैयार है. इससे फिल्म का असर सिर्फ हिंदी बेल्ट तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दक्षिण भारतीय मार्केट्स में भी यह गहराई तक अपनी जगह बनाएगी. नेशनल अवॉर्ड विनर फिल्ममेकर कामाख्या नारायण सिंह ने इस फिल्म को डायरेक्ट किया है, जो हिंदी सिनेमा में अपनी गहरी कहानियों के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टेलीविजन से की थी और उनकी फिल्म 'भोर' को 28 ग्लोबल फेस्टिवल्स में दिखाए जाने के बाद उन्हें खास पहचान मिली. उनकी कुछ बेहतरीन डॉक्यूमेंट्रीज में 'आर्टिकल 35A', '10 डेज साउथ अफ्रीका' और नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली 'जस्टिस डिलेड बट डिलीवर्ड' शामिल हैं, जिसे 'बेस्ट फिल्म ऑन अदर सोशल इश्यूज' का सम्मान मिला था.
जबरदस्त रिस्पॉन्स
हाल ही में मेकर्स द्वारा जारी किए गए हिंदी ट्रेलर को दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है. फिल्म की लीडिंग लेडीज उल्का गुप्ता, अदिति भाटिया और ऐश्वर्या ओझा के हर कैरेक्टर पोस्टर काफी गहरे और दिल दहला देने वाले हैं. ये पोस्टर्स उनके किरदारों के इमोशनल उतार-चढ़ाव और उनकी अंदरूनी ताकत को बखूबी बयां करते हैं. फिल्म को कन्नड़ और तेलुगू भाषाओं में रिलीज करने का फैसला इसके पहले पार्ट के उस तगड़े असर को देखते हुए लिया गया है, जिसने हर क्षेत्र और भाषा के लोगों के बीच एक बड़ी बहस छेड़ दी थी. दक्षिण भारतीय मार्केट्स में दर्शकों की बढ़ती मांग को पहचानते हुए, मेकर्स ने इसे कई भाषाओं में रिलीज करने का रास्ता चुना है ताकि फिल्म की यह दमदार कहानी ज्यादा से ज्यादा और अलग-अलग तरह के लोगों तक पहुंच सके.
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