Deepika Padukone: प्रोड्यूसर निखिल द्विवेदी ने दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) का खुलकर सपोर्ट किया है और नए मां बनने के बाद उनके बैलेंस्ड वर्क शेड्यूल के फैसले का साथ दिया है. उनके इस बयान ने फिल्म इंडस्ट्री में जोरदार चर्चा शुरू कर दी है, जहां लोग रियलिस्टिक वर्किंग ऑवर्स, समझदारी और शुरुआती मातृत्व (मदरहुड) में पैरेंट्स की मौजूदगी की अहमियत पर बात कर रहे हैं.
निखिल द्विवेदी ने ये कहा
हाल ही में दीपिका पादुकोण के बारे में बात करते हुए निखिल द्विवेदी ने कहा कि मुझे यकीन है कि उन्होंने पहले 10, 12 या 14 घंटे तक काम किया होगा. अब वह नई मां बनी हैं, और मुझे लगता है कि हमें इसे थोड़ी नर्मी और समझदारी के साथ देखना चाहिए. नवजात शिशु के लिए पैरेंट्स की मौजूदगी की अहमियत पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि एक नन्हे बच्चे के लिए यह बहुत जरूरी है कि मां या पिता में से कोई न कोई पास हो, और खासकर मां का होना बेहद अहम है. द्विवेदी के कॉमेंट्स एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में वर्क-लाइफ बैलेंस को लेकर बढ़ रहे बदलते नजरिए को सामने लाती हैं, खासकर उन महिलाओं के लिए जो बच्चे के जन्म के बाद काम पर लौट रही हैं. दीपिका की लंबे समय से प्रोफेशनलिज्म और मेहनत की पहचान को मान्यता देते हुए उन्होंने साफ कर दिया कि उनके संतुलित वर्किंग ऑवर्स की मांग किसी तरह की अनिच्छा या कमिटमेंट्स की कमी की वजह से नहीं है.
उदाहरण देते हुए
प्रोड्यूसर ने वर्किंग ऑवर्स के मुद्दे पर दीपिका का उदाहरण देते हुए समझाया कि शेड्यूल को फॉर्मल करना क्यों जरूरी है. उन्होंने कहा किअगर वह आठ या नौ घंटे काम कर रही हैं, तो कभी-कभी इसे लिखित में रखा जाता है ताकि प्रोड्यूसर 12 घंटे का शिफ्ट मांगने न लगे जब वह नहीं कर सकती. मुझे यकीन है कि अगर किसी खास दिन दीपिका को नौ या उससे ज्यादा घंटे काम करना होता, तो वह जरूर करती. उनकी बात यह दिखाती है कि फिल्म सेट पर साफ तौर पर समझ और एक-दूसरे का सम्मान कितना जरूरी है, खासकर जब कलाकार अपनी जिंदगी में बड़े बदलाव से गुजर रहे हों. दयालुता और समझदारी की बात करते हुए, द्विवेदी ने कहा कि नई मां की जरूरतों का ध्यान रखना प्रोफेशनलिज्म को कमजोर नहीं करता बल्कि यह एक बेहतर और इंसानियत भरी काम करने की संस्कृति को दिखाता है.
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