Khandwa Fire Incident: एमपी के खंडवा जिले में बुधवार को एक आदिवासी बस्ती में भीषण आग लगने से छह मकान पूरी तरह जलकर राख हो गए. आग की चपेट में आकर 20 बकरियों की मौत हो गई, जबकि लाखों रुपए की चांदी भी पिघलकर मिट्टी में मिल गई. आग को देखते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका.
आदिवासी फाल्या में भड़की आग
पंधाना तहसील की शेखपुरा ग्राम पंचायत के जामली खुर्द खापरी गांव में धनतर मामा के फाल्या पर एक ही परिवार के छह मकानों में अचानक आग लग गई. घटना दोपहर करीब 1 बजे की बताई गई है. उस समय परिवार के सदस्य गेहूं कटाई के काम से बाहर गए थे, इसलिए आग तेजी से फैलती चली गई और किसी को पता भी नहीं चला.
20 बकरियां और गृहस्थी का सामान खाक
आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही देर में पूरे फाल्या में फैल गई. घरों में रखी 20 बकरियां मौके पर ही जलकर मर गईं. इसके अलावा मकानों में रखी गृहस्थी का सामान, अनाज, कपड़े और जरूरत का हर सामान आग की चपेट में आ गया. आग के ढेर में बकरियों की अस्थियां साफ दिखाई दे रही थीं.
चांदी की ज्वैलरी भी पिघल गई
पीड़ित परिवार के अनुसार, घर में आदिवासी महिलाओं की परंपरागत चांदी की ज्वैलरी करीब 5 किलो के आसपास थी, जो आग में पूरी तरह पिघल गई. इसके अलावा घर में रखी करीब 5 लाख रुपए की नकदी भी जलकर राख हो गई. कुल मिलाकर लगभग 100% नुकसान दर्ज किया गया है.
फायर ब्रिगेड ने पाया आग पर काबू
आग की लपटें खेतों की ओर बढ़ने लगीं तो ग्रामीण तुरंत ट्रैक्टर लेकर पहुंचे और कल्टीवेटर चलाकर आग की दिशा बदलने की कोशिश की. उनकी सूझबूझ से खड़ी गेहूं की फसलें सुरक्षित बच गईं, वरना नुकसान और ज्यादा हो सकता था. सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची. टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझा ली, लेकिन तब तक छह मकान पूरी तरह जल चुके थे. पटवारी प्रेमसिंह रावत ने बताया कि आग का कारण फिलहाल अज्ञात है, हालांकि शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है. पंचनामा तैयार कर नुकसान की रिपोर्ट तहसीलदार को भेजी जा रही है.