
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला मुख्यालय से इंसानियत को शमर्सार करने वाली घटना सामने आई है. यहां स्थानीय प्रशासन के असहयोग और नगर पालिका की लापरवाही के चलते एक बुजुर्ग व्यक्ति अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहा है. नगर के वार्ड नं 10 कुम्हापारा में रहने वाले बुजुर्ग नर्सिंग यादव इस समय जिला अस्पताल में अपने जीवन के आखरी पड़ाव में अपनी छत से बेदखली के सदमें के चलते लकवे की हालत में भर्ती है. नर्सिंग यादव की पत्नी दुर्गा यादव ने गरियाबंद कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि उनके पति घर-घर जाकर दान दक्षिणा मांगते है जिससे उनके घर का गुजारा चलता है. हम वार्ड नं 10 के कुम्हारा पारा में छोटा-सा कच्चा मकान बनकर लगभग पिछले 30 सालो से जीवन यापन कर रहे है. इस बात की पृष्टि आस-पास में रहने वाले लोगों से भी कर सकते हैं.
दबंगों की दबंगई से परेशान हुआ गरीब परिवार
परिवार ने बताया कि जिस जगह पर हम मकान बनाकर रहते हैं. उस जगह के लिए हम 22 सालों से नगर पालिका को टैक्स भी जमा कर रहे हैं. नगर पालिका की तरफ से इसके लिए रसीद भी काटी जा रही है. कुछ दिनों पहले ही हमें बताया गया कि जिस ज़मीन पर हमारा मकान बना हुआ है वो ज़मीन किसी प्रभावशाली व्यक्ति की है जिसे गोपाल सिन्हा नाम के एक दबंग आदमी ने ख़रीदा है. गोपाल सिन्हा के ज़मीन खरीदने के बाद उसके मुंशी घर आकर मुझे और मेरे पति को लगातार मकान खाली करने की धमकी देते हैं. घर खाली नहीं करने पर बुलडोज़र चलाकर तोड़ने की धमकी दी जाती है.

इसी जमीन पर कच्चा घर बनाकर रहते हैं बुजुर्ग
जमीन खाली कराने के लिए दी बुलडोज़र चलाने की धमकी
15 फरवरी को भी उनका मुंशी हमारे घर आया था... और कहने लगा कि यह हमारी जमीन है, तुम इस पर अवैध रूप से रह रहे हो. इसे खाली कर दो नहीं तो कल बुलडोजर लाकर तुम्हारे मकान के ऊपर चलवा देंगे. हमारे घर के सामने के रास्ते पर गेट बना दिया गया है जिससे हमें आने जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है. यही नहीं, गोपाल सिन्हा के मुंशी के इस बर्ताव से मेरे पति को सदमा लग गया है.... और वो जिला अस्पताल में भर्ती है. मेरे पति ने सदमे के कारण बोलना भी बंद कर दिया है. अगर मेरे पति को कुछ भी होता है तो उसके जिम्मेदार हमें धमकाने वाले रसूखदार लोग होंगे. इस मामले को लेकर हमने गरियाबंद कलेक्टर के अलावा महिला आयोग में भी शिकायत की हैं.

डॉ हरीश चौहान
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