Surrendered Naxalites Bawan Hidme married: कहा जाता है कि प्रेम में वो ताकत होती है, जो बड़ी से बड़ी हिंसा को भी हरा सकती है. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के मेंड़का डोबरा मैदान में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला... जो प्रेम की बड़ी जीत है. दरअसल, कुछ दिन पहले तक जिन हाथों में इंसास राइफल और एके-47 हुआ करती थी, आज उन हाथों में वरमाला है... और ये सिर्फ प्रेम की ताकत है.
जंगल में दोनों के बीच हुआ प्यार हुआ
दरअसल, दंतेवाड़ा के मेंड़का डोबरा मैदान में मंगलवार, 10 फरवरी को 191 जोड़ा मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सात फेरे लेकर शादी के बंधन में बंधे. इनमें सरेंडर नक्सली बावन और हिड़मे भी शामिल थे. बीते दिनों 24 सितंबर 2026 को दंतेवाड़ा पुलिस के सामने बावन और हिड़मे ने सरेंडर कर मुख्यधारा से जुड़ें बता दें कि ये दोनों बीजापुर में नक्सलियों की नेशनल पार्क एरिया में सक्रिय मिलिट्री प्लाटून नम्बर 02 में सक्रिय थे.

सरेंडर के बाद लिए सात फेरे
इसी संगठन के रहते हुए दोनों एक दूसरे को दिल दे बैठे... हालांकि नक्सली संगठन में शादी की इजाजत तो है, लेकिन बच्चा पैदा करने की इजाजत नहीं है. अगर नक्सली संगठन के कोई भी मेंबर शादी करता है तो उससे पहले उसकी नसबंदी करा दी जाती है. इन्हीं सख्त नियमों के चलते दोनों ने जंगल से भागकर सरेंडर किया... और आज मुख्यमंत्री विवाह योजना के तहत शादी कर नए जीवन की शुरुआत की.
ICDS दंतेवाड़ा के जिला कार्यक्रम अधिकारी वरुण नागेश ने बताया कि 191 जोड़े आज परिणय सूत्र में बंध रहे है, जिसमें 4 ब्लॉक के 8 परियोजना से जोड़े आए हैं. जिन्हें सरकार 35 हजार रुपये सीधे DBT करेगी और शेष 15 हजार रुपये की राशि शादी में खर्च की गई. उन्होंने बताया कि यहां समर्पित एक नक्सल जोड़ा में शादी के बंधन में बंधे...
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