
Ambikapur News: अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज (Ambikapur Medical College) अस्पताल में दो दिन पहले एक महिला का खुले में प्रसव हुआ था. इस दौरान मारपीट हुई थी और नवजात शिशु की मौत भी हो गई थी. मामला अब राजनीति पकड़ता दिख रहा है. इस मामले को लेकर शनिवार को कांग्रेसी नेताओं (Congress Leaders) ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इस मामले का विरोध प्रदर्शन किया. साथ ही मामले की जांच की मांग की. कांग्रेसी नेताओं ने एसडीएम के माध्यम से छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister of Chhattisgarh) को ज्ञापन सौंपा.
दोषी चिकित्सक को अस्पताल से हटाने की मांग
कांग्रेस के नेताओं ने अपने ज्ञापन में दोषी चिकित्सक को अस्पताल से हटाने और कार्रवाई करने की मांग की. इस दौरान विरोध प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसी नेताओं के साथ मृत शिशु के पिता हित सांय भी वहां मौजूद रहे. पिता ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सकों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपनी पत्नी को समय पर अस्पताल लेकर आया था, लेकिन चिकित्सकों की लापरवाही के कारण काफी लेट से उसे प्रसव के लिए ले जाया गया. उसके साथ मारपीट की गई. उसने चिकित्सकों पर यह आरोप भी लगाया कि अगर समय से उसकी पत्नी का प्रसव हो जाता तो शायद उसका बच्चा बच जाता.
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महिला पार्षद ने अस्पताल पर उठाए सवाल
मामले का विरोध कर रहीं कांग्रेसी महिला पार्षद शमा परवीन ने कहा कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का नतीजा है कि यहां पर ग्रामीण तबके के मरीजों का समय पर सही तरीके से इलाज नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि दोषी चिकित्सकों पर कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं, इस मामले में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. रमनेश मूर्ति का कहना है कि जिस महिला के प्रसव में शिशु की मौत हुई थी वह एक रेफर केस के तहत मेडिकल कॉलेज में आई थी. उसकी रिपोर्ट में गर्भ में ही शिशु की मौत पहले ही बता दी गई थी. उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई भी लापरवाही नहीं की गई है.
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