Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बेमेतरा पहुंचे पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि निर्धारित डेडलाइन और गाइडलाइन में नक्सलवाद समाप्त नहीं हो सकता. जो डेडलाइन सरकार की ओर से जारी की गई है, उसमें 31 मार्च तक अभी करीब 51 दिन बचे हैं. इन 51 दिनों में पूरी तरह से नक्सलवाद समाप्त होना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि नक्सलवादी दो तरह से सक्रिय हैं. एक वे जो छिपकर जंगल में रहकर काम कर रहे हैं और दूसरे वे जो खुले रूप से रहते हुए उनकी मदद कर रहे हैं. ऐसे में समय सीमा तय करने की बात कैसे की जा रही है. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन से जुड़े अफसरों से जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार अभी भी करीब 400 नक्सली सक्रिय हैं, जिनमें से लगभग 200 छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिलों में हैं.
निर्धारित डेडलाइन अपने निर्णायक चरण पर- अमित शाह
पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू का यह बयान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर पलटवार माना जा रहा है. बात दें कि तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहे शाह ने कहा था कि वामपंथी उग्रवाद को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित डेडलाइन अपने निर्णायक चरण पर पहुंच गई है. उनके बयान से साफ है कि नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक रणनीति तय की जा रही है, जल्द ही प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त हो सकता है.
सुकमा में 65 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर सेल बरामद
इधर, प्रदेश के सुकमा जिले में सोमवार 9 फरवरी को नक्सलियों के एक ठिकाने का भंडाफोड़ कर वहां से 65 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (बीजीएल) सेल बरामद किए गए. पुलिस के अनुसार, नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद रायगुडेम गांव के पास के पहाड़ी जंगलों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और स्थानीय पुलिस की एक टीम ने छापामार कार्रवाई की. इस दौरान 65 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (बीजीएल) सेल और कमर पर बांधे जाने वाली दो थैली बरामद की गईं.