छत्तीसगढ़ के दुर्ग की रहने वाली दो छात्राओं ने एक करिश्मा कर दिखाया है. उन्होंने बड़े नालों और सीवर लाइन की सफाई के लिए रोबोट बनाया है. उनके इस इनोवेशन को देश के टॉप-10 प्रोजेक्ट में शामिल किया है. इस इनोवेशन की वजह से दोनों को राष्ट्रपति भवन आने का भी निमंत्रण मिला है, जहां उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ डिनर करने का मौका मिलेगा.

दुर्ग जिले की वैशाली नगर स्थित सरकारी कन्या स्कूल की दो प्रतिभाशाली छात्राओं कक्षा-10 की कविता साहू और कक्षा-12 की अंजलि चौहान ने क्रांतिकारी रोबोट मॉडल तैयार किया है. यह “अंडरग्राउंड पाइप इन्स्पेक्शन एंड रोबोटिक्स क्लीनर” नामक रोबोट सीवरेज और अंडरग्राउंड पाइपलाइनों में जाम की सटीक जानकारी देता है. इससे सफाई कर्मचारी को खतरनाक नालियों, सीवर में उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

कैसे करता है काम
यह रोबोट बेहद स्मार्ट और यूजर-फ्रेंडली है. विभिन्न आकार के नालों में आसानी से काम कर सकता है. इसमें लगा वेब कैमरा वास्तविक समय में वीडियो स्ट्रीम कंप्यूटर या लैपटॉप पर भेजता है, जिससे पाइपलाइन की मौजूदा स्थिति स्पष्ट दिखाई देती है. उसमे एक टैंक भी लगा हुआ है, जो तेज पानी स्प्रे करके सीवर या नाला-नालियां साफ करता है. वर्चुअल रियलिटी और उन्नत प्रोग्रामिंग का इस्तेमाल कर इन छात्राओं ने सफाई कर्मचारियों की जान जोखिम से बचाने का एक शक्तिशाली हथियार तैयार किया है.
गंदगी और बीमारियां देख चुना इनोवेशन
कहते हैं न “आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है” है, आसपास की गंदगी, बीमारियों और सफाई कर्मचारियों की दुर्दशा देखकर इन बेटियों ने हार नहीं मानी, बल्कि इनोवेशन की राह चुनी. ऑटो चालकों की बेटियां कविता और अंजलि ने साबित कर दिया कि पृष्ठभूमि मायने नहीं रखती मेहनत, लगन और जज्बा सब कुछ बदल सकता है.
ऐसे टॉप-10 प्रोजेक्ट तक बनाई राह
स्कूल में बने अटल टिंकरिंग लैब से उन्होंने रोबोट बनाना सीखा, उनके प्रोजेक्ट को स्कूल इनोवेशन मिशन (SIM) में भेजा गया, जहां देशभर से आए 1.5 लाख आइडियाज में से टॉप 1000 में जगह बनी. फिर पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के बाद टॉप 100 में प्रवेश हुआ. बेंगलुरु में 4 दिनों की इंटर्नशिप और मूल्यांकन के बाद यह प्रोजेक्ट टॉप 10 में शामिल हो गया.
26 जनवरी को राष्ट्रपति से मुलाकात
अब सबसे बड़ी उपलब्धि राष्ट्रपति भवन से बुलावा आया है. 26 जनवरी को ये दोनों बहादुर बेटियां राष्ट्रपति से मिलेंगी, उनके साथ लंच करेंगी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से भी मुलाकात होगी.
आयोजकों ने कहा है कि इस प्रोजेक्ट को बड़े स्तर पर विकसित किया जाएगा, ताकि पूरे देश में सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और यह तकनीक लाखों लोगों के जीवन को बेहतर बना सके.