Naxal Free Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में सशस्त्र नक्सलियों के खात्मे को लेकर कांग्रेस और सरकार के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है. जहां विपक्षी कांग्रेस ने नक्सल समस्या के पूर्ण समाप्त होने के सरकार के दावों पर सवाल उठाए हैं, वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 31 मार्च तक नक्सल उन्मूलन के लक्ष्य को दोहराया है. वहीं मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी क्रम में कुख्यात नक्सली कमांडर पापा राव का समय रहते अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण करना एक सार्थक और महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने इसे नक्सलवाद के खिलाफ चल रही रणनीति की सफलता के रूप में बताया. रायपुर से NDTV के लिए नीलेश त्रिपाठी और जुल्फकार अली की रिपोर्ट.

Naxal Free Chhattisgarh: कांग्रेस और सरकार आमने-सामने
कांग्रेस का बयान: एनएसजी सुरक्षा तक नक्सल समस्या खत्म नहीं
छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने नक्सल समस्या के खात्मे को लेकर सरकार के दावे पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब तक पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को एनएसजी सुरक्षा मिली हुई है, तब तक यह नहीं माना जा सकता कि राज्य में नक्सल समस्या पूरी तरह समाप्त हो गई है.
‘7 साल बाद भी खतरे का इनपुट है'
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि डॉ. रमन सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटे 7 साल से अधिक समय हो चुका है, इसके बावजूद उन्हें एनएसजी सुरक्षा दी गई है. उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा इसी आधार पर मिली होगी कि वे एक नक्सल प्रभावित राज्य से हैं और सरकार के पास किसी ठोस सुरक्षा इनपुट के आधार पर ही यह निर्णय लिया गया होगा.
सरकार से कांग्रेस के सवाल
कांग्रेस ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि क्या नक्सल समस्या के खात्मे को लेकर सरकार ने कोई स्पष्ट पैरामीटर तय किए हैं? क्या सरकार इस बात की गारंटी दे सकती है कि अब छत्तीसगढ़ और बस्तर में नक्सली हिंसा की कोई घटना नहीं होगी? कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि नक्सलवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर केवल बयान नहीं, बल्कि पारदर्शी आंकड़े और मापदंड सामने आने चाहिए.
नक्सल डेडलाइन पर मुख्यमंत्री का बयान
नक्सल मुद्दे को लेकर तय समय-सीमा पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प के अनुरूप 31 मार्च तक नक्सल के पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
राजनीति गरम, नजरें आगे की रणनीति पर
नक्सल मुद्दे पर कांग्रेस और सरकार के बीच जारी बयानबाज़ी से साफ है कि आने वाले दिनों में यह विषय राजनीतिक और सुरक्षा दोनों स्तरों पर चर्चा में बना रहेगा. सरकार जहां लक्ष्य हासिल करने का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष ठोस जवाब और भरोसे की मांग कर रहा है.
यह भी पढ़ें : Naxalite Papa Rao Surrender: 17 नक्सलियों के साथ पापा राव ने किया सरेंडर, जानिए पूरी कहानी
यह भी पढ़ें : Papa Rao Surrenders; नक्सल आंदोलन को बड़ा झटका, पापा राव और साथियों का हथियारों के साथ पुनर्वास
यह भी पढ़ें : धमकी भरे ई‑मेल से मचा हड़कंप; MP में पासपोर्ट ऑफिस और डाकघरों को उड़ाने की चेतावनी
यह भी पढ़ें : ‘धुरंधर: द रिवेंज' को लेकर पुलिस में शिकायत; सिख संगठन का फिल्म निर्माताओं व रणवीर सिंह पर ये आरोप