Chhattisgarh Liquor Case: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया और तांत्रिक केके श्रीवास्तव को बुधवार को बड़ी राहत मिली. दरअसल, करीब 3500 करोड़ रुपये के शराब घोटाला मामले में जेल में बंद दोनों ही आरोपियों को जमानत मिलने के बाद अब चालान पेश होने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया.
शराब घोटाला मामले में जांच कर रही राज्य की जांच एजेंसी एसीबी और ईओडब्ल्यू ने रायपुर कोर्ट में पूरक चालान पेश किया. इस दौरान 1000 से अधिक पन्नों के चालान में शराब घोटाला में तत्कालीन मुख्यमंत्री की उपसचिव रहीं सौम्या चौरसिया, बिलासपुर निवासी तांत्रिक व कारोबारी केके श्रीवास्तव और राजीव भवन रायपुर में कार्यरत अकाउंटेंट व तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष के करीबी देवेंद्र डड़सेना की भूमिका का जिक्र है. जांच एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि किस तरह से शराब घोटाला के मामले में इन तीनों ने अपनी हिस्सेदारी तय की थी.
बचाव पक्ष के वकील ने दी ये जानकारी
बचाव पक्ष के वकील फैसल रिजवी ने बताया कि सौम्या चौरसिया और केके श्रीवास्तव को शराब घोटाला मामले में हाईकोर्ट ने पहले ही जमानत दे दी थी, लेकिन उन्हें जेल से बाहर आने की शर्त यह थी कि चालान पेश हो चुका होना चाहिए.
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आज यह शर्त पूरी हो गई है. इसके बाद दोनों की रिहाई की प्रक्रिया शुरू की गई. आज जो चालान पेश किया गया है. उसमें शराब घोटाले में पैसों के लेन-देन और वित्तीय गलतियों को इंगित किया गया है. चालान में बताया गया है कि किस तरह पैसे का हेरफेर किया गया और कैसे अवैध तरीके से लाभ उठाया गया.
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