Chhattisgarh Liour Scam: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (Chhattisgarh Highcourt) ने पिछली कांग्रेस (Congress) सरकार में मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव रहीं सौम्या चौरसिया (Soumya Chaurasia) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) द्वारा दर्ज कथित शराब घोटाले से जुड़े दो मामलों में शनिवार को ज़मानत दे दी.
दोनों मामले एक ही शराब घोटाले से जुड़े हैं. ईओडब्ल्यू इस मामले में 17 जनवरी 2024 को प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद इस मामले के आपराधिक पहलू की जांच कर रहा है, जबकि ईडी 11 अप्रैल 2024 को ईसीआईआर दर्ज करने के बाद मामले में धन शोधन के पहलू की जांच कर रहा है. न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा ने दोनों जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद 24 फरवरी को आदेश सुरक्षित रख लिया था, जिसे 28 फरवरी को सुना दिया गया.
2,883 करोड़ रुपये का नुकसान का है आरोप
ईडी के मुताबिक, यह शराब घोटाला छत्तीसगढ़ में 2019 से 2023 के बीच कांग्रेस की पूर्व सरकार के दौरान हुआ था और इससे सरकारी खजाने को कुल 2,883 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
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ईओडब्ल्यू की पैरवी कर रहे अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने ज़मानत अर्जी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव के तौर पर चौरसिया का ‘‘बहुत अधिक प्रभाव था, जिसका इस्तेमाल उन्होंने इस बड़े शराब घोटाले में शामिल सिंडिकेट के गलत कामों को अंजाम देने और उन्हें आसान बनाने के लिए किया.'' हालांकि, चौरसिया के वकील सिद्धार्थ दवे ने चौरसिया की गिरफ्तारी के विरोध में तर्क दिए. दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति वर्मा ने जमानत दे दी.
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