छत्तीसगढ़ की राजनीति में लंबे समय से चर्चा में रहे आबकारी घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल आज शनिवार को जेल से बाहर आएंगे. उन्हें हाईकोर्ट से प्रवर्तन निदेशालय और ईओडब्ल्यू दोनों ही मामलों में शुक्रवार को जमानत मिल गई थी, अब रायपुर जिला कोर्ट में उनकी रिहाई की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है.
दरअसल, चैतन्य बघेल पिछले करीब 170 दिनों से रायपुर केंद्रीय जेल में बंद हैं. चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को उनके जन्मदिन के दिन गिरफ्तार किया गया था. अब जब वे जमानत पर रिहा होने पाले हैं तो अब उनके बेटे विवांश का जन्मदिन है. उनकी रिहाई को लेकर जेल के बाहर कांग्रेस समर्थकों और कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हो गया है. शहर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार मेनन ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जमानत मिलने के बावजूद रिहाई में जानबूझकर देरी कराई गई. सरकार कुछ भी कर ले, सच्चाई को दबाया नहीं जा सकता.
2800 करोड़ का शराब घोटाला
बता दें कि छत्तीसगढ़ में 2800 करोड़ रुपये से अधिक के कथित शराब घोटाले की जांच के तहत चैतन्य बघेल को 17 जुलाई 2025 को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसी का दावा है कि घोटाले से मिले 800 करोड़ रुपये से अधिक की रकम को रियल एस्टेट कारोबार में लगाया गया. एजेंसियों के अनुसार, घोटाले की राशि को अलग-अलग माध्यमों से चैनलाइज किया गया. इसी मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कावासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव रह चुकी सौम्या चौरसिया, निरंजन दास, एपी त्रिपाठी सहित कई अधिकारी और कारोबारी अभी भी जेल में बंद हैं. चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से मिली जमानत को इस मामले में एक अहम मोड़ माना जा रहा है.