Chhattisgarh Naxal Surrender News: लाल आतंक का अंत अब नजदीक माना जा रहा है. नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार हो रही कार्रवाई और दबाव के चलते नक्सलियों में खलबली मची हुई है. नक्सलवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य छत्तीसगढ़ में लगातार बड़े नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं.ताजा मामला बीजापुर और बस्तर का है, जहां कुल 51 खूंखार नक्सलियों के सरेंडर की खबर सामने आई है. यह सरेंडर ऐसे समय हुआ है, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 7 फरवरी की रात छत्तीसगढ़ दौरे पर पहुंचने वाले हैं.
31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन
भारत को नक्सलवाद मुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 की डेडलाइन तय की है. इसी के तहत केंद्र और राज्य सरकारों ने नक्सलियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन और एंटी-नक्सल अभियान तेज कर दिए हैं. दबाव बढ़ने के चलते कई नक्सली खुद आत्मसमर्पण का रास्ता अपना रहे हैं.

सुकमा में 21 नक्सलियों ने डाले हथियार
शनिवार को सुकमा जिले में 21 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया. इन नक्सलियों पर कुल 76 लाख रुपये का इनाम घोषित था. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने SLR, AK-47, BGL Launcher समेत अन्य ऑटोमेटिक हथियार भी सुरक्षा बलों के सामने जमा कराए. ये सभी नक्सली कई बड़ी वारदातों में शामिल रहे हैं. आत्मसमर्पण बस्तर आईजी पी. सुंदरराज और सुकमा एसपी किरण चव्हाण के समक्ष हुआ.
बीजापुर में भी 51 नक्सली सरेंडर को तैयार
वहीं नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से भी बड़ी खबर सामने आई है. यहां 51 नक्सली आत्मसमर्पण की तैयारी में हैं. ये नक्सली AK-47, SLR, इंसास राइफल, BGL और भारी मात्रा में गोला-बारूद के साथ सरेंडर करेंगे. इन पर 85 लाख का इनाम घोषित था. ऐसे में बीजपुर व बस्तर में सरेंडर करने वाले नक्सलियों पर कुल इनाम एक करोड़ 50 लाख के करीब है.
बीजापुर में 30 नक्सली ने किया सरेंडर
छत्तीसगढ़ शासन की प्रभावी पुनर्वास एवं आत्मसमर्पण नीति के अंतर्गत दिनांक 07 फरवरी 2026 को बीजापुर जिले में एक महत्वपूर्ण सफलता दर्ज की गई. साउथ सब जोनल ब्यूरो से संबंधित 30 सक्रिय माओवादी कैडरों ने हिंसा और जनविरोधी विचारधारा को त्यागते हुए समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया.
इन आत्मसमर्पित कैडरों पर उनके पद और संगठनात्मक भूमिका के अनुसार कुल ₹85 लाख का ईनाम घोषित था, जो शासन की नीति की प्रभावशीलता को दर्शाता है.
20 महिलाएं और 10 पुरुष शामिल
मुख्यधारा में लौटे इन 30 माओवादियों में 20 महिला और 10 पुरुष कैडर शामिल हैं. सभी ने सशस्त्र हिंसा से दूरी बनाते हुए शांति, संवाद और विकास के मार्ग को अपनाने की प्रतिबद्धता जताई है.
बीजापुर में नक्सल विरोधी अभियान की बड़ी तस्वीर
- 01 जनवरी 2024 से अब तक (जिला बीजापुर):
- 918 माओवादी कैडर समाज की मुख्यधारा में लौट चुके हैं
- 1163 माओवादी गिरफ्तार किए गए
- 232 माओवादी मुठभेड़ों में मारे गए
‘पूना मारगेम' अभियान बना भरोसे की मिसाल
‘पूना मारगेम-पुनर्वास से पुनर्जीवन' अभियान केवल आत्मसमर्पण का मंच नहीं, बल्कि विश्वास, पुनर्वास और नए भविष्य की मजबूत नींव बनकर उभरा है. शासन की नीति ने यह स्पष्ट किया है कि हिंसा छोड़कर सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन ही स्थायी समाधान है. आत्मसमर्पण की प्रक्रिया उप पुलिस महानिरीक्षक केरिपु ऑप्स बीजापुर सेक्टर श्री बी.एस. नेगी, पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेंद्र कुमार यादव सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुई.

Chhattisgarh Naxal Surrender News
हथियार और विस्फोटक सामग्री भी सौंपी
- कार्डेक्स वायर – 01 बंडल
- जिलेटीन स्टिक – 50 नग
- सुरक्षा बलों को सुपुर्द की गई.
प्रत्येक कैडर को तत्काल आर्थिक सहायता
पुनर्वास नीति के तहत प्रत्येक आत्मसमर्पित कैडर को प्रोत्साहन स्वरूप ₹50,000 की तात्कालिक आर्थिक सहायता प्रदान की गई है. उनके सामाजिक पुनर्समावेशन हेतु विधिक प्रक्रिया जारी है. इस सफल आत्मसमर्पण में DRG, जिला बल, छसबल, STF, कोबरा बटालियन और केरिपु की विभिन्न इकाइयों का विशेष योगदान रहा. लगातार अभियान, विश्वास निर्माण और संवेदनशील व्यवहार ने माओवादियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया.
पुलिस अधिकारियों का संदेश
बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने माओवादियों से अपील करते हुए कहा कि शासन की ‘पूना मारगेम' नीति उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर भविष्य प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. वहीं बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. पट्टलिंगम ने इसे माओवादी संगठन के कमजोर होते आधार का स्पष्ट संकेत बताया और शेष कैडरों से हिंसा छोड़ मुख्यधारा में लौटने की भावनात्मक अपील की.
बीजापुर में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडरों की पूरी सूची (सरकारी विवरण के अनुसार)
- बोटी पोड़ियाम उर्फ मल्ला, पद – कंपनी नं. 02 PPCM, ईनाम ₹8.00 लाख
- सुखराम मड़कम, पद – कंपनी नं. 02 पार्टी सदस्य, ईनाम ₹8.00 लाख
- रीना पुनेम, पद – कंपनी नं. 07 पार्टी सदस्या, ईनाम ₹8.00 लाख
- पाकली करटाम उर्फ मंगी, पद – ACM, ईनाम ₹5.00 लाख
- शांति पुनेम, पद – प्लाटून नं. 11 PPCM, ईनाम ₹5.00 लाख
- कुम्मा करटाम उर्फ बीजू, पद – ACM, ईनाम ₹5.00 लाख
- पोरिये ओयाम उर्फ मंगली, पद – ACM, ईनाम ₹5.00 लाख
- पाण्डे उईका, पद – ACM, ईनाम ₹5.00 लाख
- मुन्नी तेलम, पद – पश्चिम बस्तर डिविजन, ईनाम ₹2.00 लाख
- कोसी माड़वी, पद – प्लाटून नं. 30 पार्टी सदस्या, ईनाम ₹2.00 लाख
- दशरू पल्लो, पद – प्लाटून नं. 02 पार्टी सदस्य, ईनाम ₹2.00 लाख
- दशरी ओयाम, पद – डीबी ब्यूरो पार्टी सदस्या, ईनाम ₹2.00 लाख
- छोटी कोरसा उर्फ सरिता, पद – डीबी ब्यूरो पार्टी सदस्या, ईनाम ₹2.00 लाख
- प्रमिला ओयाम, पद – माड़ डिविजन पार्टी सदस्या, ईनाम ₹2.00 लाख
- संतु पुनेम, पद – पश्चिम बस्तर डिविजन पार्टी सदस्य, ईनाम ₹2.00 लाख
- सुशीला पण्डा, पद – दक्षिण बस्तर डिविजन पार्टी सदस्या, ईनाम ₹2.00 लाख
- मंजुला माड़वी, पद – गढ़चिरोली डिविजन पार्टी सदस्या, ईनाम ₹2.00 लाख
- रमेश उद्दे, पद – पश्चिम बस्तर डिविजन पार्टी सदस्य, ईनाम ₹2.00 लाख
- जोगी कोवासी, पद – पश्चिम बस्तर डिविजन पार्टी सदस्या, ईनाम ₹2.00 लाख
- सोना तेलम, पद – प्लाटून नं. 09 पार्टी सदस्य, ईनाम ₹2.00 लाख
- जोगा वाचाम, पद – DAKMS अध्यक्ष, ईनाम ₹2.00 लाख
- मोती पोड़ियम, पद – KAMS अध्यक्ष, ईनाम ₹2.00 लाख
- मनकी अवलम, पद – गंगालूर एरिया कमेटी पार्टी सदस्या, ईनाम ₹1.00 लाख
- शर्मिला पोयाम, पद – भैरमगढ़ एरिया कमेटी पार्टी सदस्या, ईनाम ₹1.00 लाख
- रामदेही पुजारी, पद – गंगालूर एरिया कमेटी पार्टी सदस्य, ईनाम ₹1.00 लाख
- जमली पोड़ियम, पद – नेशनल पार्क एरिया कमेटी पार्टी सदस्या, ईनाम ₹1.00 लाख
- सोनी मड़कम, पद – मद्देड़ एरिया कमेटी पार्टी सदस्या, ईनाम ₹1.00 लाख
- हड़मे कुहराम उर्फ रूकनी, पद – जनताना सरकार अध्यक्ष, ईनाम ₹1.00 लाख
- सोमा वेड़जा, पद – जनताना सरकार अध्यक्ष, ईनाम ₹1.00 लाख
- अंदो पोयाम, पद – जनताना सरकार अध्यक्ष, ईनाम ₹1.00 लाख