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Raipur Lok Sabha Seat

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'Raipur Lok Sabha Seat' - 7 News Result(s)
  • रमेश बैस : अब  आगे क्या ?

    रमेश बैस : अब आगे क्या ?

    रायपुर से सात बार सांसद रहे रमेश बैस अब महाराष्ट्र के राज्यपाल के कार्यभार से भी मुक्त हो गए हैं. एक दीर्घ और शानदार राजनीतिक करियर रखने वाले रमेश बैस का सियासी भविष्य क्या होगा...77 साल के हो चुके बैसे क्या फिर से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय होंगे या फिर पार्टी उन्हें कोई नई जिम्मेदारी देगी?

  • Brijmohan Aggarwal Resign: बृजमोहन अग्रवाल ने दिया विधायक पद से इस्तीफा, इस वजह से लिया यह बड़ा फैसला

    Brijmohan Aggarwal Resign: बृजमोहन अग्रवाल ने दिया विधायक पद से इस्तीफा, इस वजह से लिया यह बड़ा फैसला

    Chhattisgarh News: रायपुर लोकसभा से भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 17 जून को अपने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया. इस आम चुनाव में उन्होंने रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की थी.

  • रायपुर लोकसभा सीट: बृजमोहन अग्रवाल सांसद तो बन जाएंगे पर अंगूर खट्टे ही रहेंगे?

    रायपुर लोकसभा सीट: बृजमोहन अग्रवाल सांसद तो बन जाएंगे पर अंगूर खट्टे ही रहेंगे?

    छत्तीसगढ़ की प्रदेश सरकार में मंत्री पद छोड़कर कौन व्यक्ति सांसद बनना चाहेगा ? लेकिन पार्टी अनुशासन से बंधे बृजमोहन की यह मजबूरी है. बहरहाल पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका क्या रहेगी, यह संगठन तय करेगा. संगठन का मतलब है - मोदी-शाह की जोड़ी और इस जोड़ी के तेवर कैसे हैं , यह बृजमोहन से अधिक कौन जान सकता है?

  • आज भी सीख देती है रायपुर में आचार्य कृपलानी की हार

    आज भी सीख देती है रायपुर में आचार्य कृपलानी की हार

    लोकतंत्र में जनमत सर्वोपरि है. जनता ही मालिक है और वही अपने जनप्रतिनिधियों को चुनती है. लेकिन, कभी-कभी जनता का फैसला ऐसा होता है कि उस पर दिल यकीन नहीं कर पाता.अब जैसे 1967 में रायपुर लोकसभा चुनाव के नतीजे की ही बात कर ली जाय. आचार्य जेबी कृपलानी ने आदिवासी समुदाय के हक-हुकूक के लिए रायपुर से लोकसभा का चुनाव लड़ा था.लेकिन वे हार गए. आखिर इससे क्या सीख मिलती है?

  • NDTV Election Carnival: रायपुर में बृजमोहन के सामने है विकास की चुनौती, BJP के गीत पर कांग्रेस की शायरी

    NDTV Election Carnival: रायपुर में बृजमोहन के सामने है विकास की चुनौती, BJP के गीत पर कांग्रेस की शायरी

    NDTV Election Carnival: विधायक (MLA) और छालीवुड स्टार अनुज शर्मा ने अपने गाने से कांग्रेस पार्टी (Congress Party) पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार में कोई भी योजना जमीन पर नहीं उतरी. अनुज शर्मा के गीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता (Congress Leader) ने शायरी के साथ उनका जवाब दिया. उन्होंने कहा कि बीजेपी से वफा की उम्मीद नहीं हो सकती है.

  • बृजमोहन ही क्यों ?

    बृजमोहन ही क्यों ?

    भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ एवं लोकप्रिय नेता  बृजमोहन अग्रवाल को राज्य की राजनीति से बाहर करते हुए  दिल्ली ले जाने का निर्णय घोषित कर दिया है. केन्द्रीय चुनाव समिति ने दो मार्च को जारी अपनी पहली सूची में  जिन 195 उम्मीदवारों के नाम जाहिर किए थे, उनमें छत्तीसगढ़ की 11 सीटें भी शामिल हैं. बृजमोहन अग्रवाल को रायपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया गया है.

  • रायपुर सीट : भाजपा के लिए कितनी आसान  ?

    रायपुर सीट : भाजपा के लिए कितनी आसान ?

    लोकसभा चुनाव में 370 -400 से अधिक सीटों को जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही भारतीय जनता पार्टी की ज़िद को इस बात से भी समझा जा सकता है कि वह उन छोटे राज्यों पर भी फोकस कर रही है जहां तुलनात्मक दृष्टि से सीटों की संख्या अत्यल्प है. 11 लोकसभाई क्षेत्रों का छत्तीसगढ भी इनमें से एक है. राजनीतिक आबोहवा के लिहाज से इनमें रायपुर सर्वाधिक महत्वपूर्ण सीट मानी जाती है. यह निर्वाचन क्षेत्र भाजपा का अभेद्य गढ़ है. अब तक हुए चारों लोकसभा चुनाव उसने जीते हैं.

'Raipur Lok Sabha Seat' - 7 News Result(s)
  • रमेश बैस : अब  आगे क्या ?

    रमेश बैस : अब आगे क्या ?

    रायपुर से सात बार सांसद रहे रमेश बैस अब महाराष्ट्र के राज्यपाल के कार्यभार से भी मुक्त हो गए हैं. एक दीर्घ और शानदार राजनीतिक करियर रखने वाले रमेश बैस का सियासी भविष्य क्या होगा...77 साल के हो चुके बैसे क्या फिर से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय होंगे या फिर पार्टी उन्हें कोई नई जिम्मेदारी देगी?

  • Brijmohan Aggarwal Resign: बृजमोहन अग्रवाल ने दिया विधायक पद से इस्तीफा, इस वजह से लिया यह बड़ा फैसला

    Brijmohan Aggarwal Resign: बृजमोहन अग्रवाल ने दिया विधायक पद से इस्तीफा, इस वजह से लिया यह बड़ा फैसला

    Chhattisgarh News: रायपुर लोकसभा से भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने 17 जून को अपने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया. इस आम चुनाव में उन्होंने रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की थी.

  • रायपुर लोकसभा सीट: बृजमोहन अग्रवाल सांसद तो बन जाएंगे पर अंगूर खट्टे ही रहेंगे?

    रायपुर लोकसभा सीट: बृजमोहन अग्रवाल सांसद तो बन जाएंगे पर अंगूर खट्टे ही रहेंगे?

    छत्तीसगढ़ की प्रदेश सरकार में मंत्री पद छोड़कर कौन व्यक्ति सांसद बनना चाहेगा ? लेकिन पार्टी अनुशासन से बंधे बृजमोहन की यह मजबूरी है. बहरहाल पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका क्या रहेगी, यह संगठन तय करेगा. संगठन का मतलब है - मोदी-शाह की जोड़ी और इस जोड़ी के तेवर कैसे हैं , यह बृजमोहन से अधिक कौन जान सकता है?

  • आज भी सीख देती है रायपुर में आचार्य कृपलानी की हार

    आज भी सीख देती है रायपुर में आचार्य कृपलानी की हार

    लोकतंत्र में जनमत सर्वोपरि है. जनता ही मालिक है और वही अपने जनप्रतिनिधियों को चुनती है. लेकिन, कभी-कभी जनता का फैसला ऐसा होता है कि उस पर दिल यकीन नहीं कर पाता.अब जैसे 1967 में रायपुर लोकसभा चुनाव के नतीजे की ही बात कर ली जाय. आचार्य जेबी कृपलानी ने आदिवासी समुदाय के हक-हुकूक के लिए रायपुर से लोकसभा का चुनाव लड़ा था.लेकिन वे हार गए. आखिर इससे क्या सीख मिलती है?

  • NDTV Election Carnival: रायपुर में बृजमोहन के सामने है विकास की चुनौती, BJP के गीत पर कांग्रेस की शायरी

    NDTV Election Carnival: रायपुर में बृजमोहन के सामने है विकास की चुनौती, BJP के गीत पर कांग्रेस की शायरी

    NDTV Election Carnival: विधायक (MLA) और छालीवुड स्टार अनुज शर्मा ने अपने गाने से कांग्रेस पार्टी (Congress Party) पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार में कोई भी योजना जमीन पर नहीं उतरी. अनुज शर्मा के गीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता (Congress Leader) ने शायरी के साथ उनका जवाब दिया. उन्होंने कहा कि बीजेपी से वफा की उम्मीद नहीं हो सकती है.

  • बृजमोहन ही क्यों ?

    बृजमोहन ही क्यों ?

    भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ एवं लोकप्रिय नेता  बृजमोहन अग्रवाल को राज्य की राजनीति से बाहर करते हुए  दिल्ली ले जाने का निर्णय घोषित कर दिया है. केन्द्रीय चुनाव समिति ने दो मार्च को जारी अपनी पहली सूची में  जिन 195 उम्मीदवारों के नाम जाहिर किए थे, उनमें छत्तीसगढ़ की 11 सीटें भी शामिल हैं. बृजमोहन अग्रवाल को रायपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया गया है.

  • रायपुर सीट : भाजपा के लिए कितनी आसान  ?

    रायपुर सीट : भाजपा के लिए कितनी आसान ?

    लोकसभा चुनाव में 370 -400 से अधिक सीटों को जीतने का लक्ष्य लेकर चल रही भारतीय जनता पार्टी की ज़िद को इस बात से भी समझा जा सकता है कि वह उन छोटे राज्यों पर भी फोकस कर रही है जहां तुलनात्मक दृष्टि से सीटों की संख्या अत्यल्प है. 11 लोकसभाई क्षेत्रों का छत्तीसगढ भी इनमें से एक है. राजनीतिक आबोहवा के लिहाज से इनमें रायपुर सर्वाधिक महत्वपूर्ण सीट मानी जाती है. यह निर्वाचन क्षेत्र भाजपा का अभेद्य गढ़ है. अब तक हुए चारों लोकसभा चुनाव उसने जीते हैं.

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