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5वीं की छात्रा विष्णुप्रिया: क्‍या ये हैं सबसे कम उम्र की कथावाचक? आवाज में भक्ति का जादू

Youngest Bhagwat Kathavachak: इंदौर की 9 वर्षीय बाल व्यास विष्णुप्रिया, जिनका असली नाम अनुधा चौबे है. Anudha Choubey - Vishnupriya Avi Ji अपनी प्रभावशाली कथा शैली से पहचान बना रही हैं. 27 से अधिक भागवत कथाओं के साथ उन्हें संभवत: मध्य प्रदेश की सबसे कम उम्र की कथावाचक माना जा रहा है.

5वीं की छात्रा विष्णुप्रिया: क्‍या ये हैं सबसे कम उम्र की कथावाचक? आवाज में भक्ति का जादू
9 साल की उम्र में भागवत कथा, इंदौर की बाल व्यास विष्णुप्रिया को माना जा रहा MP की सबसे कम उम्र की कथावाचक
instagram@vishnupriyaaviji

Youngest Kathavachak: मध्य प्रदेश में इन दिनों भागवत कथा मंचों पर एक नाम लगातार चर्चा में है. यह नाम किसी वरिष्ठ संत या अनुभवी कथावाचक का नहीं, बल्कि महज 9 साल की बाल व्यास विष्णुप्रिया का है. इतनी कम उम्र में जिस आत्मविश्वास, स्पष्ट उच्चारण और भाव के साथ वह भागवत कथा कहती हैं, वह सुनने वालों को चौंका देता है. श्रद्धालुओं के बीच यह चर्चा आम है कि वह संभवत: मध्य प्रदेश की सबसे कम उम्र की भागवत कथावाचक हैं.

Anudha Choubey - Vishnupriya Avi Ji: इंदौर की अनुधा से बाल व्यास विष्णुप्रिया तक

बाल व्यास विष्णुप्रिया का वास्तविक नाम अनुधा चौबे है और उनका जन्म इंदौर में हुआ. बचपन से ही अध्यात्म और शास्त्रों में रुचि रखने वाली अनुधा ने 9 से 10 साल की उम्र में शास्त्र अध्ययन की शुरुआत की. बहुत कम समय में उनकी कथा शैली ने अलग पहचान बना ली. आज स्थिति यह है कि इतनी छोटी उम्र में वह 27 से अधिक भागवत कथाएं कर चुकी हैं. 

क्या आपने 9 साल की इस बाल व्यास को सुना है? इंदौर की विष्णुप्रिया बना रही हैं इतिहास

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Photo Credit: instagram@vishnupriyaaviji/

पांचवीं की छात्रा हैं विष्णुप्रिया

विष्णुप्रिया अभी इंदौर के एमविन अकैडमी, केट रोड में कक्षा पांचवीं की छात्रा हैं. उनकी मां फैशन डिजाइनर और पिता इंजीनियर हैं. परिवार का पूरा सहयोग मिलने के कारण वह पढ़ाई, संगीत और कथा वाचन को संतुलित ढंग से आगे बढ़ा पा रही हैं. संगीत की औपचारिक शिक्षा भी वह ले रही हैं.

सीमित आयोजनों से बड़ी भीड़ तक

विष्णुप्रिया के कथा वाचन की शुरुआत छोटे और निजी आयोजनों से हुई थी, लेकिन बीते करीब दो वर्षों में उनके कार्यक्रमों का स्वरूप बदल गया. अब उनकी कथाएं LIVE होती हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उन्हें सुनने पहुंचते हैं. उनकी वाणी में ऐसा प्रभाव माना जाता है कि श्रोता सहज ही कथा से जुड़ जाते हैं. 

उम्र सिर्फ 9 साल, लेकिन वाणी में भक्ति का सागर, कौन हैं बाल व्यास विष्णुप्रिया?

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Photo Credit: instagram@vishnupriyaaviji

खुद को संत नहीं मानतीं

बाल व्यास विष्णुप्रिया खुद को संत की श्रेणी में नहीं रखतीं. उनका कहना है कि वह एक साधारण कथावाचक हैं और जो कुछ भी कर पा रही हैं, वह ठाकुर जी की कृपा से संभव है. उन्होंने 7 से 8 साल की उम्र में कथा कहना शुरू किया और यह उनके लिए आनंद और साधना दोनों का माध्यम है.

खंडवा में चल रही भागवत कथा

हाल ही 2 जनवरी से 8 जनवरी 2026 के बीच उनकी भागवत कथा खंडवा के पंजाब कॉलोनी, मयूर विहार में हुई है. इस आयोजन के मुख्य यजमान सतनाम सिंह होरा और ज्योति होरा हैं. कम उम्र होने के कारण हर कथा में उनके साथ पर‍िजन भी हमेशा मौजूद रहते हैं. खंडवा में भी उनके साथ पिता, नानाजी और नानीजी भी आए.

युवाओं के लिए संदेश

बाल व्यास विष्णुप्रिया मानती हैं कि आज के युवा और टीन एजर्स को भगवान के लिए समय जरूर निकालना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह सकारात्मक संकेत है कि युवा अब मंत्र साधना, दीक्षा और मंदिरों से जुड़ रहे हैं. कम उम्र में गहरी सोच और मजबूत संस्कारों के साथ बाल व्यास विष्णुप्रिया आज समाज के लिए प्रेरणा बनती नजर आ रही हैं.

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