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Madhya Pradesh: लाखों के गेहूं घोटाला केस में फंसे MP के ये अफसर, गिरी निलंबन की गाज

MP News : मध्य प्रदेश के सतना में 93 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा कर गेहूं घोटाला करने वाले एक और अफसर पर निलंबन की गाज गिर गई है. 

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Madhya Pradesh: लाखों के गेहूं घोटाला केस में फंसे MP के ये अफसर, गिरी निलंबन की गाज
इस अफसर पर गिरी है निलंबन की गाज.

Wheat scam Case In Madhya Pradesh: सतना जिले के कारीगोही खरीदी केन्द्र में हुए बहुचर्चित गेहूं घोटाले (Wheat scam Case) के मामले में कार्रवाईयों का दौर जारी है. नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक अमित गौड़ के बाद अब खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग (Food Civil Supplies Department) के तत्कालीन DSO नागेन्द्र सिंह को भी निलंबित (Suspend) कर दिया गया. नागेन्द्र सिंह की वर्तमान समय में अलीराजपुर में पदस्थ थे. डीएसओ पर नियम विरूद्ध खरीदी केन्द्र आवंटन और अपने दायित्व का निर्वहन न करने को दोषी माना गया है. कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई की गई है. बता दें कि कि कारीगोही खरीदी केंद्र से फर्जी तरीके से 13 ट्रकों की लोडिंग दिखाकर 93 लाख रुपए का फर्जी भुगतान अंजाम दिया गया था. जैतमाल बाबा महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष सहित आठ लोगों पर नामजद FIR दर्ज की गई है.

अलीराजपुर में एक सप्ताह पहले हुई थी पोस्टिंग

जानकारी के मुताबिक खाद्य, नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता संरक्षण आयुक्त मप्र शासन ने सतना के तत्कालीन प्रभारी डीएसओ (जिला आपूर्ति अधिकारी) नागेंद्र सिंह को निलंबित किया है. निलंबन अवधि में इन्हें संचालनालय में अटैच किया गया है. नागेंद्र का हाल ही में सतना से तबादला कर प्रभारी डीएसओ के तौर पर अलीराजपुर में पदस्थ किया गया था. चार दिन पहले ही वे सतना से रिलीव किए गए थे. यह कार्रवाई कलेक्टर सतना अनुराग वर्मा के 21 मई को प्रेषित प्रतिवेदन के आधार पर की गई.

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क्या थी कार्रवाई की वजह

निलंबन आदेश के अनुसार आयुक्त ने माना है कि प्रभारी डीएसओ के तौर पर नागेंद्र सिंह ने अपने दायित्व के प्रति लापरवाही बरती है. पर्यवेक्षण व मॉनिटरिंग का दायित्व डीएसओ का होता है. लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में गेहूं उपार्जन में फर्जीवाड़ा हो जाने और रैक पॉइंट न होने के बावजूद गाड़ियों का रैक पॉइंट पर मूवमेंट दर्शाया जाना भी DSO की जानकारी में न आना, बड़ी लापरवाही है. इससे ये माना गया कि इस घोटाले में तत्कालीन प्रभारी डीएसओ की भी संलिप्तता है. निलंबन आदेश में जायतमाल बाबा स्व सहायता समूह को कारीगोही में उपार्जन कार्य दिए जाने पर भी प्रश्न खड़े करते हुए उल्लेख किया गया है कि जायतमाल समूह को वहां कार्य डीएसओ ने दिया था, जबकि इसके पूर्व वहां किन्हीं अन्य संस्थाओं से कार्य कराया जाता था. तत्कालीन डीएसओ नागेन्द्र सिंह द्वारा जायतमाल बाबा महिला स्व सहायता समूह कारीगोही नवीन केन्द्र की स्थापना कर गेहूं खरीदी का कार्य दिया गया है. जबकि निर्धारित स्थल कारीगोही में पूर्व में अन्य समूह/समितियों द्वारा खरीदी का कार्य किया गया है.

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