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This Article is From Jan 03, 2025

लहचूरा गोलीकांड : खौफ के साये में ग्रामीण, घरों में लटके ताले, कांग्रेस ने लगाया पक्षपात का आरोप

जमीन को लेकर विवाद यहां तक बढ़ गया कि गोलीकांड की नौबत आ गई. विवाद के दौरान एक युवक की मौत हो गई, दूसरा घायल हो गया. दरअसल ये पूरा मामला भिंड लहचूरा गांव का है. अब गांव में लोग खौफ के साये में जी रहे हैं. जानें आखिर क्यों हुआ ये गोलीकांड.

लहचूरा गोलीकांड : खौफ के साये में ग्रामीण, घरों में लटके ताले, कांग्रेस ने लगाया पक्षपात का आरोप
लहचूरा गोलीकांड : खौफ के साये में ग्रामीण, घरों में लटके ताले, सड़के वीरान.

Bhind Land Dispute : मध्य प्रदेश के भिंड लहचूरा गांव में डर का माहौल है. वजह है, हालही में हुई गोलीकांड की घटना. कुछ दिन पहले यहां भूमाफ़िया और किसानों के बीच गोलीबारी में एक युवक की मौत और एक घायल हो गया था. इस घटना के बाद भूमाफिया हथियार लेकर घूम रहे हैं, जिसको लेकर ग्रामीण दहशत में हैं. हालात यह है कि ग्रामीण डर के कारण शिकायत करने से भी कतरा रहे हैं. भू माफियाओं के डर से गांव में सन्नाटा छाया हुआ है. घरों में ताले डले हुए हैं. वहीं, ग्रामीणों के हथियारों के लाइसेंस निलंबित करने पर कांग्रेस के विधायक केशव देसाई ने जिला प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया है.

किसकी है 1700 बीघा जमीन ?

दरअसल, भिंड के मालनपुर इंडस्ट्रियल एरिया के पास स्थित जाधव फार्म हाउस की 1700 बीघा जमीन पर लहचूरा और हरिराम गांव के ग्रामीण इस जमीन पर लंबे समय से खेती कर रहे थे. जाधव फार्म हाउस मालिक ने 133 बीघा जमीन मानव सेवा संस्थान और राजराजेश्वरी डेवलपर्स के संचालक रामनरेश सिंह सिकरवार को बेच दी थी. भूमाफियाओं ने जिला प्रशासन से मिलकर इस जमीन को रिहायशी घोषित करा ली. उसके बाद भूमाफिया इस जमीन पर बाउंड्री बनवानी शुरू कर दी थी.

फसल नष्ट कर बाउंड्री बनाई जा रही थी

29 दिसंबर की देर शाम को बुलडोजर से सरसों की फसल नष्ट कर बाउंड्री बनाई जा रही थी. जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली, तो आधा सैकड़ा से अधिक हथियार बंद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर विरोध किया. ग्रामीणों और भूमाफ़ियाओ पक्ष के बीच पहले तो बहस हुई, फिर मामले ने हिंसक रूप ले लिया.

कांच तोड़कर फायरिंग शुरू कर दी

ग्रामीणों ने बाउंड्री रोकने की चेतावनी दी. भूमाफिया द्वारा काम नहीं रोकने पर ग्रामीणों ने पहले बाउंड्री और वहां रखी कुर्सियों को तोड़ा. एक ट्रैक्टर और जेसीबी के टायर में आग लगाकर उसे जलाने का प्रयास किया. साथ ही लाठी डंडो से तीन गाड़ियों के कांच तोड़कर क्षतिग्रस्त कर फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें गोली लगने से अमरीश तोमर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि संतोष शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गया.

जिला प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाये रखने की अपील की

इस घटना के बाद पुलिस ने एक दर्जन से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज कर दी, जिसमे भूमाफिया में शामिल हैं. जिला प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए लहचूरा और हरिराम गांव के ग्रामीणों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए थे. इस गोलीकांड के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. हालात यह है कि चारो तरफ सन्नाटा छाया हुआ है. ग्रामीण डर के कारण सभी ग्रामीण एक ही जगह बैठे रहते है. ग्रामीणों का कहना है कि भूमाफिया हथियार लेकर गांव में घूम रहे हैं, जिसको लेकर अधिकारियों से शिकायत करने गांव से बाहर नहीं जा सकते.

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कांग्रेस विधायक ने खड़े किए सवाल?

गोहद के कांग्रेस विधायक केशव देसाई ने कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव द्वारा निलंबित किये गए शास्त्र लाइसेंस पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि अगर ग्रामीणों के शास्त्र लाइसेंस निरस्त किये गए हैं, तो भूमाफ़िया हथियार लेकर गांव में घूम रहे हैं. उनके लिए कलेक्टर ने लाइसेंस निरस्त करने की वजह शांति भंग की धारा 163 लगा दी है.  गोहद एसडीओपी सौरभ कुमार ग्रामीणों में दहशत मानने को तैयार नहीं है. उनका कहना है कि गांव में दहशत जैसा कोई माहौल नहीं है. फिर भी गांव में पेट्रोलिंग करते रहते हैं. 

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