Union Budget 2026: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने केंद्रीय बजट 2026‑27 (Union Budget 2026-27) को “ऐतिहासिक”, “अभूतपूर्व” और “विकसित भारत के निर्माण की ठोस आधारशिला” बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश हुआ यह बजट भारत को 2047 तक एक विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को मजबूती से आगे बढ़ाता है. चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह 12वीं बार बजट पेश किया गया है और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार 9वीं बार बजट पेश करने वाली दुनिया की पहली महिला वित्त मंत्री बन गई हैं.
मैं आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी को हृदय से धन्यवाद देता हूँ और माननीय वित्त मंत्री श्रीमती @nsitharaman जी को बधाई देता हूँ कि इस बजट में गांव, गरीब, किसान और विशेषकर हमारी बहनों, लखपति दीदियों के कल्याण के लिए इसमें पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं।
— Office of Shivraj (@OfficeofSSC) February 1, 2026
मुझे पूरा विश्वास… pic.twitter.com/iCLfRMiuqg
बजट पर क्या बोले शिवराज?
शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, यह बजट सिर्फ वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं का घोषणापत्र है. शिवराज सिंह ने कहा कि“यह बजट विकसित भारत के सपने को साकार करने का महाकाव्य है. यह समाज की समृद्धि और संकल्पों की सिद्धि का बजट है, एक डायनामिक बजट, जो भारत को 2047 तक आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.”
'गांव, गरीब, किसान, युवा और महिला : सबका बजट'
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह बजट देश के उन मूल वर्गों पर केंद्रित है, जिनके विकास से देश की प्रगति सुनिश्चित होती है गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाएं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चल रही योजनाओं से गरीबी तेजी से कम हो रही है और यह बजट गरीब को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
SHE मार्ट पर यह बोले केंद्रीय मंत्री
महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि लखपति दीदी योजना की सफलता को आगे बढ़ाते हुए बजट में सेल्फ हेल्प एंटरप्रेन्योर ‘SHE मार्ट' की व्यवस्था की गई है. उनके अनुसार, हर ज़िले में बहनों के उत्पादों को बेचने के लिए एक प्लेटफॉर्म के रूप में कम्युनिटी‑ओन्ड रिटेल आउटलेट स्थापित होंगे, जहाँ स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण बहनों द्वारा तैयार उत्पादों को नया बाज़ार मिलेगा.उन्होंने कहा कि पशुपालन, कृषि से जुड़ी गतिविधियों और अन्य कार्यों में लगी बहनें अब केवल आजीविका तक सीमित न रहकर उद्यमी के रूप में आगे बढ़ सकेंगी, यही इस पहल का उद्देश्य है.
ग्रामीण विकास बजट में 21 फीसदी की वृद्धि
केंद्रीय मंत्री चौहान ने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग के बजट में इस वर्ष 21 प्रतिशत की वृद्धि की गई है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास और कृषि विभाग को जोड़कर देखें तो ग्रामीण विकास और कृषि मंत्रालय का सम्मिलित बजट अब 4 लाख 35 हज़ार 779 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो गांव और किसान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास के कुल बजट में अकेले ‘विकसित भारत जी राम जी' योजना के लिए राज्यों के अंशदान सहित लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है. मनरेगा के बारे में उन्होंने बताया कि पिछली बार ओवरऑल मनरेगा बजट लगभग 86,000 करोड़ रुपये था, जबकि इस बार अकेले केंद्र का हिस्सा 95,692 करोड़ रुपये से ज़्यादा रखा गया है. राज्यों के हिस्से को जोड़ने पर यह राशि 1,51,000 करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगी, जो अपने आप में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है.
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