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ट्विशा शर्मा केस: सास गिरिबाला सिंह को कभी भी अरेस्‍ट कर सकती CBI, घर पर 6 घंटे से पूछताछ

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका रद्द किए जाने के बाद, सीबीआई (CBI) ने ट्विशा शर्मा की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह को भोपाल स्थित उनके आवास से कभी गिरफ्तार क‍िया जा सकता है. छह घंटे से पूछताछ चल रही है. इससे पहले उन्हें 15 मई 2026 को भोपाल की निचली अदालत से उम्र के आधार पर अग्रिम जमानत मिली थी, जिसे सीबीआई ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी.

ट्विशा शर्मा केस: सास गिरिबाला सिंह को कभी भी अरेस्‍ट कर सकती CBI, घर पर 6 घंटे से पूछताछ
ट्विशा शर्मा केस में सुबह से CBI की एक विशेष टीम भोपाल स्थित गिरिबाला सिंह के आवास पर मौजूद.

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका रद्द किए जाने के बाद, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की टीम ने ट्विशा शर्मा की सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह को कभी भी गिरफ्तार कर सकती है. भोपाल में उनके आवास सीबीआई छह घंटे से पूछताछ कर रही है. गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे सीबीआई की एक विशेष टीम भोपाल स्थित गिरिबाला सिंह के आवास पर पहुंची थी. भारी सुरक्षा व्‍यवस्‍था के बीच उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है.

सीबीआई के नियमों के मुताबिक गिरफ्तारी के बाद उनका मेडिकल टेस्ट कराया जाएगा, जिसके बाद उन्हें भोपाल की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा. चूंकि गिरिबाला सिंह की उम्र 60 वर्ष से अधिक है, इसलिए यदि वे अपने स्वास्थ्य या किसी गंभीर बीमारी का हवाला देती हैं, तो एक विशेष मेडिकल बोर्ड उनके स्वास्थ्य की जांच करेगा. हालांकि, कोर्ट में पेशी और अगली प्रक्रिया होने तक वे सीबीआई की कस्टडी में ही रहेंगी.

पहले मिल चुकी थी जमानत, सीबीआई पहुंची हाईकोर्ट 

ट्विशा शर्मा केस में उनकी सास  गिरिबाला सिंह को 15 मई को भोपाल की एक निचली अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई थी. कोर्ट ने उनकी सीनियर सिटीजन होने की दलील को स्वीकार करते हुए यह राहत दी थी. इस फैसले के खिलाफ सीबीआई ने तुरंत मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया और जमानत रद्द करने की याचिका दायर की. हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निचली अदालत के फैसले को पलट दिया और अग्रिम जमानत रद्द कर दी, जिसके तुरंत बाद सीबीआई ने यह एक्शन लिया.

बेटा समर्थ सिंह पहले से ही सीबीआई की कस्टडी में

ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में मुख्य आरोपी और गिरिबाला सिंह के बेटे समर्थ सिंह (ट्विशा के पति) को सीबीआई पहले ही अपनी कस्टडी में ले चुकी है. सीबीआई ने समर्थ को 27 मई (बुधवार) को गिरफ्तार किया था. जांच एजेंसी उससे ट्विशा की मौत वाले दिन के घटनाक्रमों, उनके आपसी संबंधों और उस दिन हुई कड़ियों को जोड़ने के लिए पूछताछ कर रही है.

भोपाल में सीबीआई का 'अस्थायी कंट्रोल रूम'

मामले की संवेदनशीलता, हाई-प्रोफाइल कड़ियों और सबूतों को सुरक्षित रखने के लिए सीबीआई अगले कुछ दिनों तक भोपाल में ही डेरा डालने वाली है. इसके लिए सीबीआई ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को एक आधिकारिक आवेदन भेजा है. इस आवेदन में मांग की गई है कि सीबीआई टीम को भोपाल में एक सुरक्षित स्थान मुहैया कराया जाए, जहां वे अपना अस्थायी कंट्रोल रूम बना सकें. इसी जगह पर केस से जुड़े सभी संवेदनशील दस्तावेज, डिजिटल सबूत और गवाहों के बयान सुरक्षित रखे जाएंगे.

ट्विशा शर्मा केस में कब-क्‍या हुआ? 

11-12 मई: नोएडा की रहने वाली पूर्व मॉडल ट्विशा शर्मा का शव भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में रात को जिम्नास्टिक हुक से फांसी के फंदे पर लटका मिला.
12 मई: सुबह एम्स भोपाल में शव का पोस्टमार्टम हुआ. परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया, जिसके बाद से शव एम्स की मोर्चुरी (शवगृह) में रखा हुआ था.
13 मई: परिजनों ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय पर हंगामा किया और पति समर्थ सिंह व सास गिरीबाला पर दहेज हत्या का आरोप लगाया. देर रात मामले में FIR दर्ज की गई. इसी दिन रिटायर्ड जज गिरीबाला सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया.
14 मई: निचली अदालत से ₹50,000 के मुचलके पर गिरीबाला सिंह की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर हुई. उनकी बढ़ती उम्र को आधार बनाकर यह राहत दी गई.
15 मई: परिजनों ने एम्स भोपाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट को मानने से साफ इनकार कर दिया.
16 मई: परिजनों ने शव का दोबारा पोस्टमार्टम करवाने और मामले की जांच दिल्ली से बाहर करवाने की मांग उठाई.
17 मई: परिजनों ने सीएम हाउस के बाहर धरना दिया. बाद में मुख्यमंत्री के ओएसडी (OSD) से मुलाकात के बाद उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन मिला.
18 मई: पति समर्थ सिंह ने भी अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई थी, जिसे भोपाल कोर्ट ने खारिज कर दिया.
19 मई: पति समर्थ के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया ताकि वह विदेश न भाग सके.
20 मई: भोपाल कोर्ट ने शव को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए ताकि उसे डीकंपोज (खराब) होने से बचाया जा सके.
21 मई: पुलिस ने फरार समर्थ सिंह की गिरफ्तारी पर इनाम राशि 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये की.
22 मई: आरोपी पति समर्थ सिंह ने जबलपुर हाईकोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश की, लेकिन भोपाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
23 मई: ट्विशा शर्मा मामले का सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) की अध्यक्षता वाली बेंच 25 मई को इस पर सुनवाई करेगी.
24 मई: भोपाल एम्स में दिल्ली एम्स के डॉक्टरों की टीम ने दोबारा पोस्टमार्टम किया और शव मायके वालों को सौंपा. इसके बाद भोपाल में ही शव का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ.
26 मई: स्थानीय पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर हुई, समर्थ की केस डायरी देख  CBI भड़की. 
27 मई: भोपाल की ट्विशा शर्मा डेथ केस में सीबीआई ने पति समर्थ को कस्टडी में लिया है
28 मई:  पूर्व जज गिरिबाला सिंह को CBI ने गिरफ्तार कर सकती है. 

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