विज्ञापन
This Article is From Apr 19, 2026

हरी मिर्च ने बदल दी किस्मत, शिवपुरी के किसान 300 बीघा में उगा रहे, यहीं गांव की पहचान

सरपंच रामप्रकाश धाकड़ के अनुसार, जंगल होने के कारण यहां खेती का रकबा करीब 1 हजार बीघा है. पहले यहां की लाल मिर्च की मांग अशोकनगर, मुरैना समेत आसपास के जिलों में अधिक थी, लेकिन अब हरी मिर्च की मांग बढ़ने से किसान खरीफ सीजन में करीब 300 बीघा में इसका उत्पादन कर रहे हैं.

हरी मिर्च ने बदल दी किस्मत, शिवपुरी के किसान 300 बीघा में उगा रहे, यहीं गांव की पहचान
Shivpuri Chilli Farming: 300 बीघा में उत्पादन कर रहे किसान.

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के किसानों ने मिर्ची का उत्पादन कर न केवल खुद को मालामाल किया है, बल्कि इलाके की एक नई पहचान भी बनाई है. मिर्च उत्पादन में रिकॉर्ड पैदावार करने वाले किसानों का कहना है कि परंपरागत खेती से हटकर अपनाया गया यह प्लान पूरी तरह सफल रहा है. जिससे उनका गांव उन्नत खेती के लिए पहचाना जाता है.

मिर्ची की पैदावार के लिए जाने जाने वाला यह गांव महेश्पुर जिला मुख्यालय से करीब 50 किमी दूर एक जंगल के पास है. पहले यह गांव लाल मिर्च उत्पादन के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध था, लेकिन समय के साथ इसकी मांग घटती गई. लेकिन, अब हरी मिर्च के बंपर उत्पादन से यहां के किसानों को अच्छी आमदनी हो रही है. खरीफ सीजन में किसान गांव के कुल रकबे के करीब 30 प्रतिशत हिस्से में मिर्ची की खेती करते हैं.

1300 KM दूर मिली मोहब्बत: फेसबुक से शुरुआत, अयोध्या में शादी…UP-MP की 3 फीट की जोड़ी की कहानी

300 बीघा में मिर्च का उत्पादन 

सरपंच रामप्रकाश धाकड़ के अनुसार, जंगल होने के कारण यहां खेती का रकबा करीब 1 हजार बीघा है. सीमित जमीन होने के कारण अधिकांश किसान उन्नत खेती पर ध्यान देते हैं. पहले यहां की लाल मिर्च की मांग अशोकनगर, मुरैना समेत आसपास के जिलों में अधिक थी, लेकिन अब हरी मिर्च की मांग बढ़ने से किसान खरीफ सीजन में करीब 300 बीघा में इसका उत्पादन कर रहे हैं. इसी के साथ 300 बीघा में उन्नत तकनीक से टमाटर की खेती भी की जा रही है.

बाबू ने अपने ही विभाग के निलंबित बाबू से मांगी 60000 की रिश्वत, रंगे हाथ धराया, घूसकांड में क्या CMO भी शामिल? 

पशुपालन को भी बढ़ावा दे रहे 

गर्मियों का दौर खत्म होने के बाद किसान फिर से मिर्ची और टमाटर उत्पादन की तैयारी में जुट जाते हैं. बोरवेल के जरिए सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है. यहां के किसानों ने आसपास के जंगल को भी रोजगार का साधन बना लिया है. वे जंगल से जड़ी-बूटियां इकट्ठा करते हैं और गांव में पशुपालन को भी बढ़ावा दे रहे हैं. पहले यह सब सुनने में अजीब लगता था, लेकिन अब किसानों की स्थिति और प्रगति देखकर कहा जा सकता है कि इस इलाके के किसानों ने खेती को लाभ का धंधा बना दिया है.

दुल्हन बारात लेकर पहुंची, दूल्हे से शादी की और विदा कराकर अपने घर ले गई, खूब रोया दूल्हा

पूरी स्टोरी पढ़ें

MPCG.NDTV.in पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार,लाइफ़स्टाइल टिप्स हों,या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें,सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com