Swami Avimukteshwaranand Saraswati Controversy: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेले के दौरान जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में नीमच में भी रोष देखने को मिला. घटना को लेकर सोमवार को गौड़ ब्राह्मण समाज की महिला समिति के नेतृत्व में समाजजन कलेक्ट्रेट पहुंचे और उत्तर प्रदेश सरकार के नाम तहसीलदार संजय मालवीय को ज्ञापन सौंपा. समिति के सदस्यों ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि मौनी अमावस्या के अवसर पर शंकराचार्य अपने संतों और शिष्यों के साथ गंगा स्नान के लिए जा रहे थे, तभी मेले में तैनात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें रोका तथा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया.

Shankaracharya Controversy: नीमच में विरोध प्रदर्शन
गौड़ ब्राह्मण समाज का क्या कहना है?
समाजजनों का कहना है कि यह घटनाक्रम न सिर्फ संत समाज की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है, बल्कि इससे सनातन धर्मावलंबियों की भावनाएं भी आहत हुई हैं.
यहां चेतावनी दी गई कि यदि संत सम्मान से जुड़े विषयों में प्रशासन संवेदनशीलता नहीं दिखाता है, तो विरोध प्रदर्शनों को और तेज किया जाएगा. ज्ञापन सौंपने के दौरान महिला समिति की पदाधिकारी, समाज के वरिष्ठ सदस्य और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं.

Shankaracharya Controversy: उज्जैन में सद्बुद्धि यज्ञ
उज्जैन में सद्बुद्धि यज्ञ
मंगलवार को उज्जैन में ब्राह्मण समाज, साधु–संतों और पंडित–पुजारियों ने रामघाट पर माघ मेला प्रशासन को 'सद्बुद्धि' देने के उद्देश्य से विशेष यज्ञ का आयोजन किया. इस दौरान उपस्थित लोगों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से घटना पर माफी मांगने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग उठाई.
मंगलवार को रामघाट पर हुए यज्ञ में निर्मोहि अखाड़ा के महामंडलेश्वर ज्ञान दास, दादूराम आश्रम एवं दंड सन्यासी उपनिषद आश्रम के संस्थापक वितरागानंद सरस्वती, अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र चतुर्वेदी, त्रिशूल शिवगण वाहिनी संस्थापक आदित्य नागर, पंडित वी.के. शर्मा, शैलेंद्र द्विवेदी, राजेश व्यास, गौरव नारायण उपाध्याय धर्माधिकारी, मोहनलाल त्रिवेदी, यश जोशी, पार्षद अर्पित दुबे, शैलेश दुबे, संजय जोशी ‘कुंडवाला', वेदप्रकाश त्रिवेदी, अरुण जोशी, मनीष डब्बावाला, आदित्य नारायण जोशी और दीपक शर्मा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.
अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि शंकराचार्य और उनके अनुयायियों के खिलाफ माघ मेला प्रशासन एवं पुलिस ने दमनात्मक कार्रवाई की है. इसलिए यज्ञ के माध्यम से अधिकारियों को सद्बुद्धि प्रदान करने की प्रार्थना की गई. साथ ही सीएम योगी से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और शंकराचार्य से सार्वजनिक माफी की मांग की गई.
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