Sex Education Program Controversy Sagar University: सागर के डॉ हरि सिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में शुक्रवार को आयोजित सेक्स एजुकेशन जागरूकता कार्यक्रम को लेकर AISF और ABVP आमने-सामने आ गए. परिचर्चा की विषयवस्तु पर उठे विवाद ने अचानक तूल पकड़ लिया और परिसर में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया. प्राप्त जानकारी के अनुसार, AISF ने विश्वविद्यालय परिसर में सेक्स एजुकेशन और इससे जुड़े सामाजिक पहलुओं पर जागरूकता बढ़ाने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया था. कार्यक्रम शुरू ही हुआ था कि ABVP के कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और इसकी विषय सामग्री पर आपत्ति जताते हुए विरोध शुरू कर दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और बहस इतनी तेज हो गई कि माहौल बिगड़ने लगा.

Sex Education Program Controversy: नारेबाजी करते स्टूडेंट
पुलिस की एंट्री, दोनों संगठनों को थाने बुलाकर दी समझाइश
हंगामे की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. थाना प्रभारी आनंद ठाकुर ने बताया कि दोनों संगठनों के प्रतिनिधियों को थाने बुलाकर समझाइश दी गई है. दोनों पक्षों की ओर से लिखित शिकायतें प्राप्त हुई हैं और मामले की जांच की जा रही है. फिलहाल विश्वविद्यालय में स्थिति सामान्य है.

Sex Education Program Controversy: कार्यक्रम का पोस्टर
ABVP का आरोप: ‘सेक्स एजुकेशन के नाम पर छात्राओं को बहकाने की कोशिश'
ABVP विश्वविद्यालय अध्यक्ष गौरव मिश्रा ने आरोप लगाया कि AISF के सदस्य “सेक्स एजुकेशन के नाम पर छात्राओं को गुमराह” कर रहे थे. उन्होंने कहा कि विरोध जताने पर दूसरी ओर से आपत्तिजनक नारे लगाए गए. मिश्रा ने यह भी कहा “हम सागर विश्वविद्यालय को जेएनयू नहीं बनने देंगे.” उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से ऐसे कार्यक्रमों के लिए पूर्व अनुमति और निगरानी की मांग की.

Sex Education Program Controversy: कार्यक्रम पर विवाद
AISF की प्रतिक्रिया: ‘कार्यक्रम जागरूकता आधारित, अचानक किया गया मॉब अटैक'
AISF ने ABVP के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परिचर्चा पूरी तरह शैक्षणिक और जागरूकता आधारित थी. संगठन का कहना है कि वे शांतिपूर्वक चर्चा कर रहे थे, तभी दूसरे पक्ष के कार्यकर्ता आए और “मॉब अटैक जैसी स्थिति” बना दी. AISF का दावा है कि कुछ लोग कह रहे थे कि बुंदेलखंड क्षेत्र में सेक्स एजुकेशन पर चर्चा नहीं होनी चाहिए, जबकि यह विषय आज के शैक्षणिक माहौल में आवश्यक है.
घटना के बाद छात्र राजनीति पर फिर चर्चा तेज
इस विवाद के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्र राजनीति फिर चर्चा का विषय बन गई है. जहां एक वर्ग मानता है कि सेक्स एजुकेशन जैसे विषयों पर खुली चर्चा ज़रूरी है, वहीं कुछ संगठन इसे सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़कर देखते हैं. प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, लेकिन परिसर में एहतियातन निगरानी बढ़ा दी गई है.
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