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एसिड बना जानलेवा: ड्रिप लाइन सफाई के लिए रखा केन गिरा, मां की मौत, दो मासूम झुलसे

बड़वानी जिले के मोहनपुरा गांव में दर्दनाक हादसा हुआ. ड्रिप लाइन साफ करने के लिए रखा एसिड का केन गिरने से महिला की मौत हो गई, जबकि दो बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए हैं और अस्पताल में इलाज जारी है.

एसिड बना जानलेवा: ड्रिप लाइन सफाई के लिए रखा केन गिरा, मां की मौत, दो मासूम झुलसे
खेत में रखा एसिड बना जानलेवा, महिला की मौत, दो मासूम गंभीर

Barwani Acid Accident: मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया. खेत में ड्रिप लाइन साफ करने के लिए रखा गया एसिड परिवार के लिए जानलेवा साबित हुआ. मोहनपुरा गांव में रात के समय घर में रखे एसिड के केन के गिरने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि उसके दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए. बताया जा रहा है कि चूहों की हलचल के कारण केन गिरा और सो रहे परिवार पर एसिड फैल गया. घटना के बाद घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां महिला ने रास्ते में दम तोड़ दिया.

खेत के मकान में हुआ हादसा

घटना बड़वानी जिले के राजपुर थाना क्षेत्र के मोहनपुरा गांव की है. यहां सालखेड़ा निवासी विजय चौहान अपने परिवार के साथ खेत पर बने मकान में रह रहे थे. परिवार खेती-किसानी से जुड़ा हुआ है और खेत में ड्रिप लाइन प्रणाली का उपयोग करता है.

ड्रिप लाइन साफ करने के लिए रखा था एसिड

प्राप्त जानकारी के अनुसार, खेत में लगी ड्रिप लाइन की सफाई के लिए घर में 5 लीटर एसिड से भरा केन रखा गया था. इसे मकान के अंदर बनी एक रैक पर रखा गया था.

चूहों की हलचल से गिरा केन

बताया जा रहा है कि तड़के करीब 4 बजे घर में चूहों की हलचल के कारण एसिड का केन रैक से नीचे गिर गया. उस समय महिला पिंकी और उसके दोनों बच्चे पास ही सो रहे थे. केन गिरते ही एसिड सीधे उन पर फैल गया, जिससे वे बुरी तरह झुलस गए.

चीख-पुकार के बीच अस्पताल ले जाया गया

घटना के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई. परिजन तत्काल घायलों को राजपुर स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे. डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया.

रास्ते में महिला ने तोड़ा दम

जिला अस्पताल ले जाते समय 24 वर्षीय पिंकी ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. इस घटना से परिवार और गांव में शोक का माहौल है. वहीं दोनों घायल बच्चों को जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है. फिलहाल बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन वे गंभीर रूप से झुलसे हैं. इस हादसे ने एक परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है. एक तरफ मां की मौत का गम है, तो दूसरी ओर बच्चों की हालत को लेकर चिंता बनी हुई है.

लापरवाही और जागरूकता पर उठे सवाल

घटना के बाद यह सवाल भी उठ रहे हैं कि खतरनाक रसायनों को घर के अंदर और बच्चों की पहुंच के पास रखना कितना सुरक्षित है. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे रसायनों को सुरक्षित और बंद स्थानों पर रखना चाहिए, जिससे इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके.

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