
Madhya Pradesh News: नशीली कफ सिरप कोरेक्स का अवैध धंधा सतना सहित पूरे विंध्य में फैला था. इस बड़े नेटवर्क का संचालन नगरीय आवास और विकास विभाग की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का जीजा कर रहा था. फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करते हुए जेल भेज दिया है. वहीं आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 111(1) के तहत प्रकरण कायम किया गया है. पुलिस को जांच में करीब छह करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन के सबूत मिले हैं. इसके अलावा विवेचना में यह भी सामने आया है कि राज्यमंत्री का जीजा आशीष गौतम के साथ नशे के करोबार को आगे बढ़ा रहा था.
जिले के सिंहपुर थाना की पुलिस ने नशीले कफ सिरप की तस्करी के मामले में सिविल लाइन क्षेत्र के प्रभात बिहार कॉलोनी में रहने वाले शैलेन्द्र सिंह सोम्मू को गिरफ्तार किया. आरोपी शैलेन्द्र का कनेक्शन सतना ही नहीं पूरे विंध्य में नशीले कफ सिरप की तस्करी के कारोबार में पाया गया है. उसने करोड़ों रुपए का लेनदेन नशे की खेप के बारे में किया है.
सर्किट हाउस से दबोचा गया आरोपी
सिंहपुर थाना पुलिस ने 6 करोड़ के भुगतान का ब्यौरा मिलने के बाद पुलिस हैरानी में पड़ गई. पुलिस को आरोपी की सरगर्मी से तलाश थी. शैलेन्द्र ने कानपुर के एक को पैसों का भुगतान किया था. लिहाजा पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की. सतना के सर्किट हाउस के पास शैलेन्द्र की लोकेशन मिली, जिसके बाद आरोपी को दबोच लिया गया. सिंहपुर थाना पुलिस ने पिछले महीने यूपी के बांदा से लाई जा रही सवा 12 लाख रुपए के नशीले कफ सीरप की खेप पकड़ी थी. पिकअप वाहन में लाई जा रही इस खेप के साथ ड्राइवर पकड़ा गया था,जबकि अशोक गौतम और अमित गुप्ता भाग निकले थे. इस खेप में रामपुर क्षेत्र के बादल सिंह की हिस्सेदारी थी.
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फरार आरोपियों पर घोषित है इनाम
सिंहपुर थाना पुलिस के द्वारा पकड़ी गई 7200 शीशी कफ सिरप के मामले में चार आरोपियों पर केस दर्ज हुआ था. जिसमें से तीन आरोपी अभी भी फरार हैं. पुलिस ने 20-20 हजार का इनाम घोषित कर रखा है. इस मामले में पुलिस ने ड्राइवर से पूछताछ के बाद जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि इस धंधे में शैलेंद्र सिंह सोम्मू भी शामिल है. वह अशोक गौतम के साथ मिलकर पूरे विंध्य में नशे की खेप भेजने का काम करता था.
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