Satna Leopard killed: मध्य प्रदेश के सतना के उप वन मंडल चित्रकूट में एक तेंदुए की मौत (Leopard killed) से हड़कंप मच गया. तेंदुए का शव सड़क किनारे नाली से बरामद किया गया है. माना जा रहा है कि अज्ञात वाहन की ठोकर लगने से तेंदुए को गंभीर चोंट लगी और उसकी जान चली गई. घटना शनिवार की सुबह सतना वनमंडल के बरौंधा रेंज अंतर्गत आने वाले सतना-कानपुर स्टेट हाईवे स्थित कठवरिया हुई.
तेंदुए को 40 मीटर तक घसीटने के मिले निशान
सड़क किनारें बनी नालियों में नर तेंदुएं का शव मिला. लोगों ने तत्काल इसकी जानकारी बरोंधा वन विभाग को दी. जिससे मौके पर बरौंधा रेंजर बृजेन्द्र पाण्डेय वन अमला लेकर घटनास्थल पर पहुंचे. जहां उन्हें सड़क पर एक वाहन के करीब चालीस मीटर घसीटने के पहिए के निशान भी मिले. जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि उसकी मौत किसी वाहन की ठोकर से दूर गिरने व अंदरुनी गंभीर चोटों आने से हुई है.
पीएम के बाद हुआ अंतिम संस्कार
फिलहाल मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम कर विधि विधानुसार अंतिम संस्कार कर दिया गया है. तेंदुएं कि उम्र लगभग दो वर्ष बताई जा रहीं है. इस संबंध में वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, तेंदुआ सड़क पार कर रहा था, तभी किसी तेज रफ्तार वाहन ने उसे बीच से टक्कर मारी. टक्कर के बाद वह दूर जाकर गिरा, जिससे उसकी आंतरिक हड्डियों में गंभीर चोट आई और उसकी मौत हो गई. घटनास्थल पर करीब 40 से 50 मीटर तक वाहन के ब्रेक के निशान भी पाए गए हैं, जो हादसे की भयावहता को दर्शाते हैं.
वन क्षेत्र में हो रही दुर्घटनाएं
बता दें कि बीते 14 महीनों में प्रदेश में करीब 150 तेंदुओं की मौत चुकी है, जिनमें सबसे ज्यादा सड़क हादसे में बताए जा रहे हैं. सतना-पन्ना बॉर्डर पर हुआ ताजा हादसा एक बार फिर वन्य जीवों की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
ये भी पढ़ें: Harda Fire: हरदा के बडझिरी गांव में लगी भीषण आग, 8 मकान जलकर राख; बैल और चार बकरियों की मौत, लाखों का नुकसान