Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के सतना जिले के मझगवां तहसील में एमपी ऑनलाइन के माध्यम से चालान जमा करने के नाम पर फर्जीवाड़े का गंभीर मामला सामने आया है. इस मामले में मझगवां थाना प्रभारी को नायब तहसीलदार डॉ. सुदामा प्रसाद कोल द्वारा पत्र क्रमांक 04, दिनांक 6 जनवरी 2026 को कियोस्क संचालक धनबाबू पटेल पिता इंद्रपाल पटेल, निवासी मझगवां के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करने हेतु पत्र भेजा गया था. तहसीलदार की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है.
जानकारी के अनुसार बरौंधा क्षेत्र में भूमि स्वामी बाबूलाल ब्राम्हण द्वारा जमीन क्रय की गई थी. नामांतरण के लिए निर्धारित समयावधि के बाद आवेदन करने पर नायब तहसीलदार द्वारा 2000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया था. अर्थदंड की राशि जमा कराने के लिए भूमिस्वामी ने एमपी ऑनलाइन कियोस्क संचालक धनबाबू पटेल को 2000 रुपये दिए.
आरोप है कि कियोस्क संचालक ने केवल 1000 रुपये की राशि चालान के रूप में जमा की और कंप्यूटर सिस्टम में एडिटिंग कर 2000 रुपये की फर्जी रसीद तैयार कर भूमिस्वामी को सौंप दी. जब यह रसीद नायब तहसीलदार कार्यालय पहुंची तो चालान का मिलान किया गया, जिसमें जमा राशि कम पाई गई. इसके बाद संबंधित पक्ष को तलब कर जांच की गई.
जांच के बाद नायब तहसीलदार द्वारा प्रतिवेदन तैयार कर एसडीएम को भेजा गया. एसडीएम के आदेश के बाद मझगवां थाना को विधिवत पत्र प्रेषित कर एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी की गई.इस प्रकरण के सामने आने के बाद यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी कियोस्क संचालक द्वारा अन्य चालानों में भी इसी तरह की गड़बड़ी की गई होगी. नायब तहसीलदार ने बताया कि धनबाबू पटेल की एमपी ऑनलाइन दुकान वर्ष 2018 से संचालित है, जिसके माध्यम से किए गए सभी चालानों का सत्यापन किया जा रहा है. जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता उजागर होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है.
देर रात एफआईआर दर्ज
मझगवां तहसील में सामने आए चालान घोटाले के मामले में पुलिस ने आरोपी धनबाबू पटेल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 338, 336(3) एवं 340(2) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है.
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