Sagar Juvenile Home Escape: सागर में होली से ठीक पहले बाल संप्रेक्षण गृह से चार अपचारी बालकों के फरार होने से हड़कंप मच गया. भागने से पहले उन्होंने संप्रेक्षण गृह में तोड़फोड़ की और बाहर निकलते ही परिसर के बाहर खड़ी कुछ गाड़ियों को भी निशाना बनाया. सूचना मिलते ही पुलिस ने तेजी दिखाई, शहर में घेराबंदी की और कुछ ही दूरी पर चारों नाबालिगों को पकड़कर फिर से अभिरक्षा में ले लिया.
जानकारी के मुताबिक, चारों नाबालिगों ने संप्रेक्षण गृह के अंदर तोड़फोड़ की और मौका पाकर बाहर निकल भागे. बाहर आते ही उन्होंने परिसर से सटी कुछ गाड़ियों में भी तोड़फोड़ कर दी, जिससे आसपास में अफरा‑तफरी का माहौल बन गया और लोग दहशत में आ गए.
पुलिस ने घेराबंदी कर अभिरक्षा में लिया
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमा हरकत में आया. इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और आसपास के क्षेत्रों में सघन सर्चिंग शुरू हुई. त्वरित कार्रवाई के कारण चारों अपचारी बालकों को कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया गया और सुरक्षित अभिरक्षा में ले लिया गया.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सागर) लोकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है. सुरक्षा में कहां चूक हुई, इसे भी जांच के दायरे में लिया गया है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई होगी.
प्रशासन की मौजूदगी और हालात का जायजा
घटना के बाद प्रशासनिक अमला भी सक्रिय दिखा. अपर कलेक्टर, तहसीलदार और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे, स्थिति का जायजा लिया और व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए. संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की बात कही गई.
सुरक्षा पर सवाल, अगली कार्रवाई पर नजर
इस घटना ने बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं खासकर ऐसे संवेदनशील समय में, जब त्योहारों पर अतिरिक्त सतर्कता चाहिए. फिलहाल पुलिस और प्रशासन जांच में जुटे हैं. आगे की कार्रवाई, जिम्मेदारियों का निर्धारण और सुरक्षा प्रोटोकॉल को और कड़ा करना अब प्रमुख प्राथमिकता है.