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धार में पोषण आहार घोटाला; तबेले में मिला बच्चों का निवाला, आंगनवाड़ी की कालाबाज़ारी उजागर

Poshan Aahar Scam: धार में आंगनवाड़ी पोषण आहार की कालाबाज़ारी का खुलासा. ज्ञानपुरा क्षेत्र में तबेले से हलवा प्रीमिक्स जब्त, जांच शुरू.

धार में पोषण आहार घोटाला; तबेले में मिला बच्चों का निवाला, आंगनवाड़ी की कालाबाज़ारी उजागर
धार में पोषण आहार घोटाला, तबेले से सामग्री जब्त

Poshan Aahar Ghotala: मध्यप्रदेश के धार जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों (Anganwadi Center) के लिए निर्धारित पोषण आहार (Poshan Aahar) की कालाबाज़ारी (Black Marketing) का बड़ा मामला सामने आया है. जिला मुख्यालय के समीप ज्ञानपुरा क्षेत्र में महिला एवं बाल विकास विभाग (Women and Child Development Dept) और तिरला थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक पशु तबेले से भारी मात्रा में पोषण सामग्री जब्त की गई है. यह मामला बच्चों के पोषण से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील माना जा रहा है.

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, तिरला परियोजना अधिकारी सत्यनारायण मकवाना को सूचना मिली थी कि देलमी स्थित प्लांट से सप्लाई होने वाला पोषण आहार ज्ञानपुरा क्षेत्र के एक गोदाम में अवैध रूप से संग्रहित है. इसके बाद विभागीय टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और जांच शुरू की.

पशुओं के तबेले में मिला आंगनवाड़ी का पोषण आहार

जांच के दौरान धीरज शर्मा के गोदाम की तलाशी ली गई, जिसे पशुओं के तबेले के रूप में उपयोग किया जा रहा था. यहां से हलवा प्रीमिक्स के 24 बड़े बैग और 29 छोटे पैकेट बरामद किए गए. अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह वही पोषण आहार है, जिसे आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को वितरित किया जाना था.

सामग्री जब्त, पुलिस ने दर्ज किया मामला

कार्रवाई के दौरान पूरी पोषण सामग्री को जब्त कर तिरला थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया. पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी गई है.

कई जिलों में होती है इस आहार की सप्लाई

अधिकारियों के अनुसार, देलमी प्लांट से यह पोषण आहार धार जिले के साथ‑साथ लगभग आठ अन्य जिलों के आंगनवाड़ी केंद्रों में भेजा जाता है. ऐसे में इस सामग्री का गोदाम तक पहुंचना कई गंभीर सवाल खड़े करता है.

जांच के घेरे में सप्लाई चेन

खास बात यह है कि धार जिले से केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर सांसद हैं और महिला एवं बाल विकास विभाग उन्हीं के अंतर्गत आता है. ऐसे में मामले को और गंभीरता से देखा जा रहा है. फिलहाल जांच का विषय यह है कि पोषण आहार को किस उद्देश्य से यहां रखा गया था, इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं और इसका इस्तेमाल किस तरह किया जाना था.

दोषियों पर सख्त कार्रवाई के संकेत

महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि बच्चों के पोषण से किसी भी तरह का समझौता न हो.

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