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डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान का 200 हेक्टेयर तक विस्तार, धार में विशाल डायनासोर संग्रहालय भी बनेगा

Dinosaur Park: धार के डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान का दायरा 89 से बढ़ाकर 200 हेक्टेयर किया जाएगा, साथ ही एक विशाल संग्रहालय और पर्यटन सुविधाएं विकसित होंगी. पढ़िए पूरी खबर.

डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान का 200 हेक्टेयर तक विस्तार, धार में विशाल डायनासोर संग्रहालय भी बनेगा
धार में डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान 200 हेक्टेयर तक बढ़ेगा, बनेगा विशाल संग्रहालय

Dinosaur Fossil National Park Dhar: मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक अहम फैसला लिया है. धार जिले के बाग क्षेत्र में स्थित डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान के विस्तार को मंजूरी दी गई है. अब तक 89 हेक्टेयर में फैले इस उद्यान का दायरा बढ़ाकर 200 हेक्टेयर किया जाएगा. इस विस्तार के साथ ही यहां एक अत्याधुनिक और विशाल संग्रहालय के निर्माण की योजना भी तैयार की गई है, जिसमें डायनासोर से जुड़े दुर्लभ जीवाश्मों को प्रदर्शित किया जाएगा. सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से न केवल वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यटन गतिविधियों में भी तेजी आएगी.

उद्यान का दायरा बढ़ाने का निर्णय

मंगलवार को आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया. इंदौर संभाग के आयुक्त (राजस्व) डॉ. सुदाम खाड़े की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई बैठक में अधिकारियों ने उद्यान के विस्तार की रूपरेखा पर चर्चा की. वर्तमान में 89 हेक्टेयर में फैले इस उद्यान को बढ़ाकर 200 हेक्टेयर तक करने का प्रस्ताव पारित किया गया.

चार गांवों की भूमि होगी शामिल

अधिकारियों के अनुसार, उद्यान के विस्तार के लिए बाग क्षेत्र के आसपास स्थित चार गांवों की भूमि को इसमें शामिल किया जाएगा. इससे न केवल क्षेत्रफल बढ़ेगा बल्कि जीवाश्मों के संरक्षण के लिए अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित क्षेत्र उपलब्ध होगा.

बनेगा विशाल संग्रहालय

योजना के तहत उद्यान परिसर में एक बड़ा और आधुनिक संग्रहालय बनाया जाएगा. इस संग्रहालय में डायनासोर की हड्डियों, अंडों और अन्य जीवाश्मों को प्रदर्शित किया जाएगा. यह संग्रहालय वैज्ञानिक और शैक्षणिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा.

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

उद्यान के आसपास होटल और रिजॉर्ट विकसित करने की भी योजना है, जिससे पर्यटकों के ठहरने की बेहतर व्यवस्था हो सके. इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है.

पर्यावरण संरक्षण के लिए सख्त नियम

उद्यान के दायरे में कई गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया जाएगा, जिनमें उत्खनन, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग, ईंट भट्ठे, जलाऊ लकड़ी का व्यावसायिक उपयोग और प्राकृतिक जल स्रोतों में अपशिष्ट बहाना शामिल हैं.

2007 में हुई थी पहली खोज

गौरतलब है कि ‘मंगल पंचायतन परिषद' के प्रमुख विशाल वर्मा ने वर्ष 2007 में बाग क्षेत्र में पहली बार डायनासोर के अंडों की खोज की थी. इसके बाद राज्य सरकार ने यहां डायनासोर जीवाश्म राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना की थी.

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