PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana: मध्य प्रदेश के 16 जिलों में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Yojana) को लेकर उपभोक्ताओं में लगातार दिलचस्पी बढ़ रही है. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक 29,174 उपभोक्ता योजना में पंजीकरण करा चुके हैं, जबकि उनके खातों में 227 करोड़ 39 लाख रुपये से अधिक की सब्सिडी (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana Subsidy) सीधे जमा कराई जा चुकी है. कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे योजना का लाभ लेने के लिए केवल अधिकृत वेंडर से ही सौर संयंत्र लगवाएं, ताकि प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी न हो.
केवल अधिकृत वेंडर से ही लगवाएं सोलर प्लांट : बिजली कंपनी
कंपनी ने स्पष्ट किया कि कई उपभोक्ता अनधिकृत वेंडरों से प्लांट लगवा लेते हैं, जिसके कारण निरीक्षण, मीटरिंग, नेटमीटर कनेक्टिविटी और सब्सिडी में दिक्कतें सामने आती हैं. उपभोक्ता पोर्टल पर रजिस्टर्ड वेंडरों की सूची देखकर ही प्लांट स्थापित करवाएं.
करोड़ों घरों को शून्य बिजली बिल की सुविधा का टारगेट
पीएम सूर्य घर योजना का मुख्य उद्देश्य देश के करोड़ों घरों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना और उपभोक्ताओं का बिजली बिल लगभग शून्य करना है.
क्या लाभ मिलता है?
इस योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा इस तरह सब्सिडी दी जाती है.
- 1 किलोवॉट सोलर प्लांट पर ₹30,000 सब्सिडी
- 2 किलोवॉट पर ₹60,000 सब्सिडी
- 3 किलोवॉट या उससे अधिक पर ₹78,000 की अधिकतम सब्सिडी दी जाती है.
यह सब्सिडी उपभोक्ता के बैंक खाते में सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से जमा होती है.
नाम तीनों जगह एक जैसा होना जरूरी
सब्सिडी समय पर उपलब्ध कराने के लिए कंपनी ने विशेष रूप से ध्यान दिलाया है कि बैंक खाते में दर्ज नाम, आधार कार्ड का नाम, और बिजली बिल का नाम पूरी तरह एक समान होना चाहिए. नाम में अंतर होने पर सब्सिडी अटक जाती है और उसे जारी करने में देरी होती है.
1 दिसंबर 2024 से सभी प्लांट्स में स्मार्ट मीटर अनिवार्य
कंपनी ने बताया कि 1 दिसंबर 2024 से स्थापित होने वाले सभी रूफटॉप सोलर प्लांट्स में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं. ये मीटर मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एसओआर रेट पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को 6,000 से 8,000 रुपये तक की बचत हो रही है. स्मार्ट मीटर से ऊर्जा उत्पादन, खपत और ग्रिड को जाने वाली बिजली की सटीक निगरानी आसान हो जाती है.
नेट मीटर वाले प्लांट्स में डेटा कम्युनिकेशन न मिलने पर वेंडरों को नोटिस
कंपनी ने यह भी बताया कि कई रूफटॉप प्लांट्स में नेट मीटर के साथ मॉडेम और सिम लगे होने के बावजूद डेटा कम्युनिकेशन उपलब्ध नहीं हो रहा है. ऐसे मामलों में संबंधित वेंडरों को नोटिस जारी किया जा चुका है. यदि फिर भी कम्युनिकेशन बहाल नहीं होता है, तो कंपनी द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी.
योजना का लाभ कैसे लें? पूरी प्रक्रिया जानिए
1. ऑनलाइन आवेदन करें
- योजना में शामिल होने के लिए सबसे पहले उपभोक्ता को ऑनलाइन आवेदन करना होगा.
- इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं:
- https://www.pmsuryaghar.gov.in
- यहां मोबाइल नंबर और बिजली उपभोक्ता नंबर के आधार पर पंजीकरण किया जाता है.
2. अधिकृत वेंडर का चयन
- पोर्टल में लॉगइन करके अपने क्षेत्र के अधिकृत वेंडरों की सूची देखें.
- केवल इसी सूची में दर्ज वेंडर से प्लांट लगवाएं.
3. साइट सर्वे और प्लांट इंस्टालेशन
- वेंडर साइट सर्वे करेगा और उपभोक्ता की जरूरत के अनुसार 1 से 3 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित करेगा.
4. निरीक्षण (Inspection)
- प्लांट लगने के बाद मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की टीम स्थल पर जाकर उसका निरीक्षण करती है.
- निरीक्षण रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की जाती है.
5. सब्सिडी का भुगतान
- निरीक्षण सफल होने के बाद उपभोक्ता को सब्सिडी सीधे बैंक खाते में जमा कर दी जाती है.
अधिक जानकारी कहां मिलेगी?
- कंपनी की वेबसाइट: www.portal.mpcz.in
- उपाय ऐप
- व्हाट्सऐप चैटबॉट
- टोल-फ्री नंबर: 1912
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