MP News: मध्य प्रदेश के विदिशा में शनिवार को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari), मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने एक बड़ा सड़क विकास पैकेज प्रदेश को समर्पित किया. कार्यक्रम में ₹4,400 करोड़ से अधिक लागत की 8 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं और 3 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटरों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया. इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर भोपाल, विदिशा, सागर, राहतगढ़, ब्यावरा सहित प्रमुख औद्योगिक, कृषि और पर्यटन मार्गों पर यातायात और अधिक सुगम होगा.
नया निवेश ➝ मजबूत सड़कें ➝ तेज़ कनेक्टिविटी ➝ अधिक रोजगार
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) January 17, 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी एवं केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के साथ आज विदिशा जिले से ₹4,400 करोड़ से अधिक लागत की 8 सड़क परियोजनाओं एवं 3… pic.twitter.com/WRIWrw5Fs3
ईमानदारी से काम करने वाले नेताओं की कमी है : गडकरी
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि विदिशा की जनता ने शिवराज सिंह चौहान को 12 बार चुनकर एक रिकॉर्ड स्थापित किया है. नितिन गडकरी ने कहा कि वे अपने 90% काम किसानों के लिए करते हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना उनकी प्राथमिकता है. उन्होंने स्वदेशी ईंधनों की संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हमारा किसान हाइड्रोजन भी बना सकता है, अब CNG ट्रैक्टर भी आ गया है. उन्होंने सड़क निर्माण में तकनीक और पर्यावरण संरक्षण के उदाहरण देते हुए कहा कि नागपुर में टॉयलेट का पानी बेचता हूँ, उससे मुझे 300 करोड़ रुपये मिलते हैं. सिर्फ स्मार्ट सिटी नहीं, स्मार्ट विलेज भी बनाना है. गडकरी ने बताया कि देश में 50 लाख टन डामर का निर्यात हो रहा है और यह कि कृषि आधारित ईंधन भविष्य में किसानों की आमदनी बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाएगा. उन्होंने कहा कि उनके पास “द्रौपदी की थाली है, जितने लोग मांग लेकर आएंगे, सबको मिलेगा, देश में पैसों की कमी नहीं, ईमानदारी से काम करने वाले नेताओं की कमी है.”
गडकरी ने इन परियोजनाओं का भी जिक्र किया
- ग्वालियर–भोपाल–नागपुर नया हाइवे (40,000 करोड़, 650 किमी)
- कोटा–विदिशा–सागर ग्रीनफील्ड हाइवे (16,000 करोड़)
- नसरुल्लागंज–रेहटी–बुधनी रोड 4-लेन (₹1,000 करोड़ मंजूर)
यशस्वी प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के दूरदर्शी मार्गदर्शन एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री @nitin_gadkari जी के सतत सहयोग से मध्यप्रदेश को निरंतर विकास की महत्वपूर्ण सौगातें प्राप्त हो रही हैं : CM@DrMohanYadav51 @pwdminmp #GatiShakti_MP #CMMadhyaPradesh pic.twitter.com/ntTgG2X8kB
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) January 17, 2026
हर विधानसभा में विकास कार्य होंगे : मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव
सीएम मोहन यादव ने कहा कि “शिवराज जी ने जो भी मांगा है, सब दिया जाएगा. हर विधानसभा में विकास कार्य होंगे.” रायसेन में जल्द मेडिकल कॉलेज बनने की घोषणा की गई. उन्होंने विपक्ष पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस तीसरी बार घर बैठने का रिकॉर्ड बना रही है और काम करने वालों के साथ जनता खड़ी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि " केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री के समक्ष मध्यप्रदेश में ₹4,500 करोड़ की लागत से 50 नवीन सड़क परियोजनाओं के निर्माण का प्रस्ताव रखा. इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को त्वरित स्वीकृति प्रदान किए जाने हेतु, संपूर्ण प्रदेशवासियों की ओर से मैं उनका हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं."
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री @nitin_gadkari जी के समक्ष मध्यप्रदेश में ₹4,500 करोड़ की लागत से 50 नवीन सड़क परियोजनाओं के निर्माण का प्रस्ताव रखा।
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) January 17, 2026
माननीय मंत्री जी द्वारा इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को त्वरित स्वीकृति प्रदान किए जाने हेतु, संपूर्ण प्रदेशवासियों की… pic.twitter.com/Sbd2miEVjH
शिवराज सिंह की मंच से अपील
शिवराज सिंह ने मंच से कहा कि नागपुर से ग्वालियर जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग विदिशा संसदीय क्षेत्र को छुए बिना रह ही नहीं सकता, क्योंकि भोपाल के आसपास हमारा पूरा क्षेत्र जुड़ा है. मेरा निवेदन है कि यह नया राष्ट्रीय राजमार्ग बने, ताकि मध्यप्रदेश की तस्वीर और तकदीर बदले, और सीआरएफ के तहत 400 करोड़ देकर आठों विधानसभाओं में सड़कें बन जाएँ.
साथ ही खंडवा–जबलपुर वाया हरदा, पिपरिया, नरसिंहपुर, शहपुरा को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-22 मध्यप्रदेश के किसानों और पूरे प्रदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगा. मेरा आग्रह है कि विदिशा–सागर–कोटा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बने, जो विदिशा, शमशाबाद, बासौदा, कुरवाई, सिरोंज होते हुए दिल्ली-मुंबई और भोपाल-कानपुर जैसे बड़े एक्सप्रेस-वे से जुड़े, जिससे दूरी और समय दोनों कम हों. इससे पूरे संसदीय क्षेत्र और मध्यप्रदेश की तस्वीर-तकदीर बदलेगी, और भोपाल-बैरसिया-सिरोंज-अशोकनगर का ब्राउनफील्ड मार्ग भी राष्ट्रीय राजमार्ग में शामिल होकर सभी जिलों को लाभ देगा.
शिवराज सिंह ने कहा कि जब मैं मुख्यमंत्री था तब नर्मदा को क्षिप्रा से जोड़ा, अब आग्रह है कि नर्मदा–बेतवा को भी जोड़कर विदिशा को और समृद्ध बनाया जाए. बेतवा के सौंदर्यीकरण, घाट, अंडरग्राउंड वायरिंग, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और रायसेन मेडिकल कॉलेज जैसे काम पूरे हों—क्योंकि पद बदल सकते हैं, लेकिन विदिशा से जुड़ाव और विकास का सिलसिला कभी नहीं रुकना चाहिए.
भविष्य के लिए बड़ा पैकेज
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश को ₹1,600 करोड़ देने की घोषणा की गई. साथ ही विदिशा क्षेत्र के सभी विधायकों को 50–50 करोड़ विकास कार्यों के लिए स्वीकृत किए गए. PWD मंत्री राकेश सिंह ने मंच से 50 सड़कों के प्रस्ताव सौंपे, जिस पर नितिन गडकरी ने कुल ₹4,500 करोड़ मंजूर करने की घोषणा की.
इन परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण
- रातापानी वन्यजीव अभ्यारण्य क्षेत्र, अब्दुल्लागंज-इटारसी खंड
- 4-लेन चौड़ीकरण लंबाई 12 किमी
- लागत ₹418 करोड़
यह परियोजना ओबेदुल्लागंज-इटारसी-बैतूल कॉरिडोर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो बैतूल के माध्यम से नागपुर तक बेहतर सड़क संपर्क प्रदान करती है. पहले यह खंड दो-लेन का होने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक प्रमुख बॉटलनेक बना हुआ था, जिससे भारी यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न होती थी. चार-लेन चौड़ीकरण के बाद यातायात प्रवाह सुचारू होगा, जिससे लगभग 15–30 मिनट तक का यात्रा समय बचेगा तथा ईंधन की बचत और प्रदूषण में कमी आएगी. परियोजना के अंतर्गत वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए एनिमल अंडरपास एवं साउंड-प्रूफ कॉरिडोर का निर्माण किया गया है, जिससे टाइगर सहित अन्य वन्यजीवों को सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित होगी और मानव-वन्यजीव संघर्ष में कमी आएगी.
- देहगांव–बम्होरी मार्ग का निर्माण कार्य
- लंबाई: 27 किमी
- लागतः ₹60 करोड़
CRIF के अंतर्गत देहगांव से बम्होरी तक 27 किमी लंबाई में सड़क निर्माण किया गया है. यह मार्ग रायसेन जिले को बाटेरा–सिलवानी–सागर मार्ग के माध्यम से सागर से जोड़ता है. परियोजना से किसानों को कृषि उत्पादों के सुरक्षित, तेज़ और सुगम परिवहन की सुविधा मिलेगी तथा मंडियों और बाजारों तक पहुंच आसान होगी. इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी, जिससे क्षेत्रीय सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी.
इनका हुआ शिलान्यास
- भोपाल-विदिशा खंड का 4-लेन चौड़ीकरण
- लंबाई 42 किमी
- लागत ₹1,041 करोड़
यह परियोजना भोपाल-कानपुर कॉरिडोर का एक प्रमुख हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मौजूदा मार्ग को हाई-कैपेसिटी नेशनल हाईवे मानकों के अनुरूप विकसित करना है. परियोजना से अंतर-जिला एवं अंतर-राज्यीय यातायात अधिक सुगम होगा तथा लंबी दूरी और माल ढुलाई ट्रैफिक की आवाजाही सुरक्षित एवं तेज़ बनेगी. इस मार्ग से रायसेन जिले में स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहन मिलेगा.
- विदिशा-ग्यारसपुर खंड का 4-लेन चौड़ीकरण
- लंबाई 29 किमी
- लागत ₹543 करोड़
इस परियोजना से विदिशा और आसपास के क्षेत्रों के बीच यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी. चौड़ीकरण और ज्यामितीय सुधारों से सड़क सुरक्षा एवं ड्राइविंग आराम में वृद्धि होगी. परियोजना से सांची जैसे ऐतिहासिक स्थलों तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी तथा विदिशा जिले के उच्च गुणवत्ता वाले गेहूं एवं अन्य कृषि उत्पादों के परिवहन को बढ़ावा मिलेगा.
- ग्यारसपुर-राहतगढ़ खंड का 4-लेन चौड़ीकरण
- लंबाई 36 किमी
- लागत ₹903 करोड़
यह खंड क्षेत्रीय एवं लंबी दूरी की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा. परियोजना से यात्रा समय में कमी, सड़क सुरक्षा में सुधार और माल ढुलाई को गति मिलेगी. व्यापार, लॉजिस्टिक गतिविधियों और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने से क्षेत्रीय आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी.
- राहतगढ़-बेरखेड़ी खंड का 4-लेन चौड़ीकरण
- लंबाई: 10 किमी
- लागतः ₹731 करोड़
यह परियोजना राष्ट्रीय एवं अंतर-राज्यीय यातायात के लिए सड़क क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. चौड़ीकरण से यातायात सुचारू होगा और दुर्घटनाओं के जोखिम में कमी आएगी. इसके माध्यम से व्यापार, कृषि उत्पादों के परिवहन और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी.
- सागर वेस्टर्न बायपास (ग्रीनफील्ड) का 4-लेन निर्माण
- लंबाई 20.2 किमी
- लागत ₹688 करोड़
यह परियोजना NH-146 को सीधे NH-44 से जोड़ने के उद्देश्य से प्रस्तावित है, जिससे सागर शहर के भीतर से गुजरने वाले ट्रैफिक को बाहर डायवर्ट किया जा सकेगा. बायपास के निर्माण से यात्रा समय में लगभग 70% तक की कमी आएगी और लॉजिस्टिक दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होगा. शहरी ट्रैफिक जाम में कमी, ईंधन बचत और परिवहन लागत में कमी के साथ यह परियोजना क्षेत्रीय व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी.
- भोपाल–ब्यावरा खंड पर 05 अंडरपास (LVUP/VUP)
- लंबाई 5 किमी
- लागत ₹122 करोड़
यह परियोजना ब्लैकस्पॉट सुधार के तहत विकसित की जा रही है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके. अंडरपास निर्माण से हाईवे एवं स्थानीय मार्गों के बीच सुरक्षित और बाधारहित यातायात सुनिश्चित होगा. परियोजना से ग्रामीण-शहरी कनेक्टिविटी मजबूत होगी तथा व्यापार, कृषि और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.
ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटरों का शिलान्यास
विदिशा जिले के बगरोद तथा सागर जिले के भापेल व छापरी में कुल 3 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटरों का शिलान्यास किया गया. इसकी कुल लागत: ₹7.50 करोड़ है. ये केंद्र IDTR और RDTC मॉडल पर आधारित आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएँ प्रदान करेंगे, जिससे सड़क सुरक्षा को मजबूती मिलेगी. NHAI का कहना है कि ये परियोजनाएँ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती, यात्रा समय में कमी, व्यापार, लॉजिस्टिक्स और कृषि परिवहन को गति, और सामाजिक व आर्थिक विकास को नई दिशा देंगी.
यह भी पढ़ें : MP से 4400 करोड़ रुपये के 8 NH प्राेजेक्ट्स की सौगात, विदिशा में केंद्रीय मंत्री गडकरी व CM मोहन रखेंगे नींव
यह भी पढ़ें : PMJJBY Fraud: फर्जी 'मौतों' से PM जीवन ज्योति बीमा योजना में फर्जीवाड़ा; नगर निगम कर्मियों पर केस दर्ज
यह भी पढ़ें : Panchayat Sachiv Retirement Age: अब 62 साल में रिटायर होंगे पंचायत सचिव, CM मोहन ने विशेष भत्ते का किया ऐलान
यह भी पढ़ें : MP में अब लाडली बहनों को ट्रेनिंग व जॉब से जोड़ेगी मोहन सरकार, CM ने कहा ₹50 हजार करोड़ से ज्यादा की किस्त जारी