Nautapa MP: मध्य प्रदेश में नौतपा की शुरुआत 25 मई 2026 से होने जा रही है, लेकिन उससे पहले ही पूरा प्रदेश भीषण गर्मी और जानलेवा लू की चपेट में आ गया है. ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और उज्जैन संभाग में हीटवेव का जबरदस्त असर बना हुआ है. मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, आने वाले दिनों में भी इस तपती गर्मी से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं. शनिवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के 42 जिलों में लू चलने की गंभीर चेतावनी जारी की है, जिसमें टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' घोषित किया गया है. इसके अलावा ग्वालियर समेत 21 जिलों में तेज लू का ऑरेंज अलर्ट और 18 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है.
खजुराहो और नौगांव में आसमान से बरसी आग, बड़े शहरों में भी तापमान का टॉर्चर
शनिवार को प्रदेश के ज्यादातर शहरों में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जिसमें छतरपुर का नौगांव सबसे गर्म रहा, जहां पारा 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. इसके ठीक बाद खजुराहो 45.4 डिग्री के साथ दूसरे स्थान पर रहा. प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी गर्मी का प्रचंड रूप देखा गया, जहां उमरिया में 44.3 डिग्री, जबकि जबलपुर, शाजापुर, दमोह और टीकमगढ़ में तापमान 44 डिग्री दर्ज किया गया. इसके अलावा राजगढ़, रीवा, मलाजखंड और सतना में पारा 43.6 डिग्री तक पहुंच गया. बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर और उज्जैन में 43 डिग्री, राजधानी भोपाल में 41.6 डिग्री और इंदौर में 41 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जिससे सुबह से ही लोग हलाकान नजर आए.
शिवपुरी जिला अस्पताल में दोगुनी हुई मरीजों की संख्या, ओपीडी का आंकड़ा 1100 के पार
बढ़ते तापमान और आसमान से बरसती आग का सीधा असर अब लोगों की सेहत पर दिखने लगा है. शिवपुरी से अतुल गौड़ की रिपोर्ट के अनुसार, नौतपा से पहले ही भोपाल सहित प्रदेश के 22 जिले आग की भट्टी की तरह तप रहे हैं, जहां सुबह की शुरुआत ही 35 डिग्री तापमान से होती है और शाम होते-होते पारा 45 डिग्री को छू जाता है. इस भीषण गर्मी की वजह से शिवपुरी के जिला अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या में दोगुनी वृद्धि देखी जा रही है. जो ओपीडी पहले 500 से 600 मरीजों की हुआ करती थी, वह अब बढ़कर 1100 के पार पहुंच गई है. अस्पताल पहुंचने वाले अधिकांश मरीज घबराहट, शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन), उल्टी-दस्त, ब्लड प्रेशर की समस्या और लू की चपेट में आने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं.
35 किलोमीटर का सफर और सूखते हलक, कॉलेज जाने वाले छात्र परेशान
इस भीषण गर्मी का सबसे मारक असर उन छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है जो इस मौसम में भी कॉलेज जाने को मजबूर हैं. नरसिंहपुर के मुंगवानी से स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय आने वाले छात्रों ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उन्हें हर दिन करीब 35 किलोमीटर का लंबा सफर तय करके कॉलेज पहुंचना पड़ता है. दोपहर के समय चलने वाली तेज धूप और गर्म थपेड़ों (लू) के कारण रास्तों पर चलना दूभर हो गया है. छात्रों का कहना है कि गर्मी की शिद्दत इतनी ज्यादा है कि बाइक या बस से कॉलेज पहुंचते-पहुंचते उनकी आंखें और मुंह तक बुरी तरह सूख जाते हैं और शरीर की पूरी एनर्जी खत्म हो जाती है.
गैजेट्स पर भी पड़ रही गर्मी की मार, ओवरहीटिंग से बचाने की सलाह
मौसम विभाग और डॉक्टरों के साथ-साथ अब तकनीकी एक्सपर्ट्स ने भी इस भीषण गर्मी को लेकर चेतावनी जारी की है. जब तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा हो, तो मोबाइल, लैपटॉप या पावर बैंक जैसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स बहुत जल्दी गर्म हो जाते हैं. इस ओवरहीटिंग के कारण डिवाइस की बैटरी डैमेज होने, परफॉर्मेंस स्लो होने या अचानक फोन बंद होने जैसी समस्याएं आ सकती हैं. एक्सपर्ट्स ने सलाह दी है कि इस मौसम में गैजेट्स को सीधे धूप में रखने से बचें, चार्जिंग के दौरान उनका इस्तेमाल न करें और भारी इस्तेमाल के समय फोन का कवर हटा दें ताकि वे सुरक्षित रहें.
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