मध्य प्रदेश में ठंड और कोहरे का असर एक साथ देखने को मिल रहा है. सुबह और शाम घने कोहरे की वजह से कई शहरों में विजिबिलिटी काफी कम हो गई है, जबकि रात में कड़ाके की सर्दी और दिन में हल्की धूप लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर रही है.
राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान करीब 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इंदौर में रात का पारा लगभग 10 डिग्री रहा, जबकि ग्वालियर-चंबल अंचल में सबसे ज्यादा ठंड देखने को मिली, जहां तापमान करीब 7 डिग्री तक गिर गया. उज्जैन में भी ठंड का असर बरकरार है और यहां न्यूनतम तापमान 9 डिग्री के आसपास बना हुआ है. जबलपुर में रातें सर्द हैं और तापमान करीब 8 डिग्री दर्ज किया गया.
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में मौसम के मिजाज में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं. प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है और कोई सक्रिय सिस्टम नहीं होने से ठंड और कोहरा इसी तरह जारी रह सकता है.
7-8 दिन बाद बदलेगा मौसम
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि करीब एक हफ्ते बाद पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है. इसके असर से प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा. विशेषज्ञों के मुताबिक 19-20 जनवरी के आसपास इस सीजन का पहला मावठा गिरने की संभावना है. उस दौरान मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बादल छा सकते हैं और हल्की बारिश भी हो सकती है.
उत्तर-पश्चिमी हवाओं का असर
उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण ग्वालियर-चंबल और उज्जैन संभाग इस समय प्रदेश के सबसे ठंडे इलाके बने हुए हैं. पिछले दस वर्षों के आंकड़ों के अनुसार जनवरी में कई बार न्यूनतम तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. कुछ वर्षों में इसी दौरान पश्चिमी विक्षोभ के कारण हल्की बारिश भी दर्ज की गई है. वर्ष 2026 की शुरुआत में बादलों की मौजूदगी ने ठंड और कोहरे को और ज्यादा बढ़ा दिया है.