MP Politics: 25 साल पुराने सहकारी बैंक घोटाले में गुरूवार को दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट द्वारा दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती दोषी करार देने और तीन साल की सजा सुनाए जाने के बाद एमपी की राजनीति अचानक गर्माहट आ गई है. इसकी आंच देर रात तब दिखी जब अचानक देर रात करीब 11 बजे प्रमुख सचिव विधानसभा पहुंच गए. आशंका फैली कि विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रिक्त घोषित करने के लिए देर रात विधानसभा खोली गई है. हालांकि सजा के खिलाफ अपील दायर करने के लिए कोर्ट ने 30 दिन की राहत देते हुए विधायक की सजा निलंबित रखी है.
कोर्ट द्वारा सजा सुनाने के बाद खतरे में आ गई है कांग्रेस विधायक की विधायकी
गौरतलब है दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा बैंक घोटाले में दोषी करार दिए गए कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा सुनाने के बाद उनकी विधायकी पर खतर में आ गई है, जिसकी धमक गुरूवार रात को तब सुनाई दी, जब देर रात प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा विधानसभा पहुंच गए. देर रात विधानसभा खोलने की सूचना पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी इस आशंका में पीछे-पीछे विधानसभा पहुंच गए कि कहीं विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म करने के लिए कार्रवाई तो नहीं की जा रही है. हालांकि ऐसी किसी सूचना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
सजा के खिलाफ अपील के लिए कोर्ट ने विधायक को दी है 30 दिन की राहत
रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट के फैसले के बाद देर रात करीब 11 बजे प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा विधानसभा पहुंचे. कहा गया कि देर रात विधानसभा राजेंद्र भारती की सीट रिक्त घोषित करने के लिए खोली गई है और चुनाव आयोग को पत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जबकि कोर्ट द्वारा राजेंद्र भारती को सजा के खिलाफ अपील करने के लिए 30 दिन की राहत मिली है, उनकी सजा भी निलंबित रखी गई है. इस घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही कांग्रेस के पूर्व विधायक पीसी शर्मा विधानसभा पहुंचे और पीछे-पीछे प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी वहां पहुंच गए.
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विधायक की सदस्यता खत्म करने के लिए देर रात को खोला गया विधानसभा?
मामले में आपत्ति दर्ज कराते हुए पूर्व विधायक पीसी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस विधायक की सदस्यता खत्म करने के लिए बीजेपी के इशारे पर रात को विधानसभा सचिवालय खोला गया और जब मोहन सरकार की हठधर्मिता एवं अलोकतांत्रिक रवैये पर जब आपत्ति उठाई गई तो पूरा तंत्र निरुत्तर हो गया. स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के रूप में कार्यरत विधानसभा सचिवालय के कर्मचारियों और अधिकारियों का यह रवैया अस्वीकार्य है, हम भाजपा की राजनीतिक गुंडागर्दी और विधानसभा सचिवालय के दुरुपयोग की कड़ी निंदा करते हैं. कांग्रेस इस लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ेगी.