MP Police Innovation: ग्वालियर पुलिस ने अब मालखाने की पुरानी और परेशान करने वाली तस्वीर को पूरी तरह बदलने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. शहर के पड़ाव थाने में ग्वालियर‑चंबल अंचल का पहला ई‑मालखाना शुरू किया गया है, जहां अब धूल भरी फाइलें, अंधेरा, सीलन और दीमक की समस्या नहीं रहेगी. इस नए मालखाने में हर जब्त सामान और केस फाइल को QR कोड से जोड़ा गया है, जिससे एक क्लिक में पूरा रिकॉर्ड देखा जा सकेगा. पुलिस के अनुसार, यह व्यवस्था न सिर्फ काम को आसान बनाएगी, बल्कि वर्षों से चली आ रही लापरवाहियों पर भी रोक लगाएगी.

MP Police Gwalior E-Malkhana: ई‑मालखाना पड़ाव थाना का शुभारंभ
क्या होता है मालखाना और क्यों थी परेशानी?
हर थाने में एक मालखाना होता है, जहां अपराध से जुड़े जरूरी सबूत रखे जाते हैं. इनमें जब्त हथियार, वाहन, मोबाइल, मादक पदार्थ और केस फाइलें शामिल होती हैं. कई बार ये फाइलें और सबूत सालों तक सुरक्षित रखे जाते हैं. लेकिन पुराने मालखानों में व्यवस्था ढीली होने से फाइलें ढूंढने में कई‑कई दिन लग जाते थे. कई जब्त सामान खराब हो जाते थे तो कई बार फाइलें गायब होने की शिकायतें भी सामने आती थीं.

MP Police Gwalior E-Malkhana: ग्वालियर में अंचल का पहला ई मालखाना
अब QR कोड से मिलेगी पूरी जानकारी
पड़ाव थाने में बने ई‑मालखाने में हर जब्त सामान और हर केस फाइल पर QR कोड लगाया गया है. जैसे ही मोबाइल या स्कैनर से QR कोड स्कैन किया जाएगा, उस केस से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आ जाएगी. इसमें बताया जाएगा कि सामान कब जब्त हुआ, किस केस से जुड़ा है और किस रैक में रखा गया है. इससे पुलिस को रिकॉर्ड खंगालने में अब लंबा समय नहीं लगेगा.
फोटो और कंप्यूटर में दर्ज होगा हर सबूत
ई‑मालखाने में सामान रखते समय उसकी फोटो भी ली जा रही है, जो सीधे रिकॉर्ड में सुरक्षित होगी. सारी जानकारी कंप्यूटर सिस्टम में दर्ज की जा रही है. इसके लिए एक ऑनलाइन सिस्टम तैयार किया गया है, जिससे एक क्लिक में पूरा डेटा देखा जा सकता है. इस व्यवस्था से रिकॉर्ड में गड़बड़ी की संभावना काफी कम हो जाएगी.
साफ‑सुथरा मालखाना, CCTV से निगरानी
नए ई‑मालखाने को पूरी तरह व्यवस्थित किया गया है. यहां नई अलमारियां और रैक लगाए गए हैं, जिनमें हर अपराध के लिए अलग रैक तय है. सामान को साल के हिसाब से व्यवस्थित किया गया है. मालखाने की दीवारों पर दीमक रोधी केमिकल लगाया गया है और पूरे परिसर को CCTV कैमरों से कवर किया गया है, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके.
ASP ने खुद संभाला डिजिटल काम
इस ई‑मालखाने को शुरू करने और पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल रूप देने का काम खुद एएसपी अनु बेनीवाल की निगरानी में किया गया. उनका कहना है कि इस व्यवस्था से पुलिस को काम करने में काफी सुविधा मिलेगी और समय की भी बचत होगी.
पुलिस अफसरों ने क्या कहा?
एसएसपी धर्मवीर सिंह का कहना है कि अब तक किसी भी केस की फाइल या जब्त सामान ढूंढने में काफी समय लग जाता था. कई सामान खराब भी हो जाते थे. ई‑मालखाने की वजह से अब ये परेशानियां खत्म होंगी. वहीं आईजी अरविंद सक्सेना ने बताया कि यह ग्वालियर‑चंबल जोन का पहला ई‑मालखाना है और इसकी शुरुआत पड़ाव थाने से की गई है. आने वाले समय में इस व्यवस्था को दूसरे जिलों के थानों में भी लागू किया जाएगा.
पुलिस कामकाज में आएगा बड़ा बदलाव
ई‑मालखाने की शुरुआत से पुलिस के काम करने का तरीका ज्यादा पारदर्शी और व्यवस्थित होगा. इससे न सिर्फ सबूत सुरक्षित रहेंगे, बल्कि आम लोगों का भी पुलिस व्यवस्था पर भरोसा बढ़ेगा.
यह भी पढ़ें : MP Police: कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में एडवांस पुलिसिंग सीख रहे हैं MP के 30 एडिशनल SP; ट्रेनिंग प्रोग्राम जारी
यह भी पढ़ें : DMF Vivad: मैहर में डीएमएफ राशि पर बवाल, आपत्ति के बाद रामनगर ब्लॉक हटाया गया
यह भी पढ़ें : अंबेडकर जयंती पर सीधी में हिंसा; भीम आर्मी और बाजार के लोगों की भिड़ंत में कई घायल, जानिए क्यों हुआ बवाल
यह भी पढ़ें : IAS Leena Mandavi: पहली बार यहां पहुंची 'सरकार'; दुर्गम रास्तों को पार कर कलेक्टर लीना मंडावी ने लगाई चौपाल