MP Pregnant Woman Murder Case: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाली वारदात सामने आई है. सिमरिया थाना क्षेत्र के ग्राम पड़वार में 7 माह की गर्भवती महिला की बेरहमी से हत्या कर दी गई. शुरुआती जांच में पुलिस ने सास को गिरफ्तार किया था, लेकिन अब मृतका के शिक्षक पति ने अपने ही माता‑पिता पर गंभीर आरोप लगाकर मामला और संवेदनशील बना दिया है.
रसोई में बेरहमी से हमला
घटना पन्ना जिले के ग्राम पड़वार की है. महिला नीता खाना बना रही थी, तभी उस पर जानलेवा हमला कर दिया गया. आरोप है कि पहले से चली आ रही पुरानी रंजिश के कारण उस पर कुदाल और तवे से ताबड़तोड़ वार किए गए. हमले की गंभीरता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि 7 महीने की गर्भवती नीता मौके पर ही ढेर हो गई.
पति का आरोप- माता-पिता ने की हत्या
मृतका के पति दयाराम साहू, जो पेशे से शिक्षक हैं. उनका कहना है कि वारदात के समय वे स्कूल ड्यूटी पर थे. उनके मुताबिक, पीछे से उनके पिता कुटुआ साहू और मां मत्थी बाई ने मिलकर हमला किया. दयाराम का आरोप है कि उनकी वृद्ध मां अकेले इतना जघन्य अपराध नहीं कर सकतीं; इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी पिता हैं, जिन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है.
पहली पत्नी की भी ‘संदिग्ध मौत'
मृतका के परिजनों ने यह चौंकाने वाला दावा भी किया कि दयाराम की पहली पत्नी की मौत भी संदिग्ध हालात में हुई थी, जिसे परिवार ने आत्महत्या का रूप दे दिया था. यह नया आरोप मौजूदा केस को और गंभीर बना देता है और परिवार व गांव में सवालों का सिलसिला तेज कर रहा है.
सास की गिरफ्तारी, ससूर की तलाश जारी
शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने सास को गिरफ्तार किया था. अब दयाराम ने एसपी कार्यालय पहुंचकर पिता की गिरफ्तारी की मांग की है और पूरा घटनाक्रम बताते हुए न्याय की गुहार लगाई है. पुलिस मामले में गवाहों के बयान, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है.
गर्भवती महिला की हत्या से गांव में दहशत और आक्रोश है. लोग यह समझ नहीं पा रहे कि सास‑ससुर जैसे रिश्ते भी इतनी हद तक क्रूर हो सकते हैं. स्थानीय स्तर पर महिला सुरक्षा, घरेलू कलह और परिवार के भीतर हिंसा पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं.
निष्पक्ष और तेज जांच की मांग
परिजन व ग्रामीणों की मांग है कि मामले में निष्पक्ष जांच हो, सभी दोषियों को सख़्त सज़ा मिले और दयाराम के पिता सहित सभी संदिग्धों से कड़ाई से पूछताछ की जाए. साथ ही, महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा के मामलों में फास्ट‑ट्रैक कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सुरक्षा व कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए.