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कांग्रेस का नया फंड मॉडल: चंदे से संगठन मजबूत करेगी पार्टी, हर विधानसभा में परिवारों से जुटेंगे 100‑100 रुपये

मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने के लिए नया फंड मॉडल अपनाया है. पार्टी हर विधानसभा में 30 हजार परिवारों से 100‑100 रुपये जुटाने की तैयारी कर रही है. इस राशि का उपयोग जिला और ब्लॉक स्तर पर संगठन और कार्यकर्ताओं पर किया जाएगा.

कांग्रेस का नया फंड मॉडल: चंदे से संगठन मजबूत करेगी पार्टी, हर विधानसभा में परिवारों से जुटेंगे 100‑100 रुपये

MP Congress Fund Model: मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए एक नया रास्ता चुना है. पार्टी ने तय किया है कि अब बड़े उद्योगपतियों या धनाढ्य दानदाताओं पर निर्भर रहने के बजाय आम लोगों के छोटे‑छोटे सहयोग से फंड तैयार किया जाएगा. इस फैसले को आने वाले निकाय और विधानसभा चुनावों की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है. कांग्रेस का मानना है कि इससे न सिर्फ आर्थिक स्थिति सुधरेगी बल्कि जनता से सीधा जुड़ाव भी बढ़ेगा.

हर विधानसभा में चलेगा 100 रुपये का अभियान

मध्य प्रदेश कांग्रेस की योजना है कि राज्य की हर विधानसभा में करीब 30 हजार परिवारों से 100‑100 रुपये जुटाए जाएं. इस तरह एक‑एक विधानसभा से बड़ा फंड तैयार होगा. पार्टी नेताओं का कहना है कि यह रकम सीधे संगठन और कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर खर्च की जाएगी, ताकि जमीन पर काम को गति मिल सके.

जिला और ब्लॉक स्तर पर ही होगा खर्च

इस फंड मॉडल की खास बात यह है कि जुटाई गई राशि का इस्तेमाल जिला और ब्लॉक स्तर पर ही किया जाएगा. इसका मतलब यह हुआ कि पैसा भोपाल या प्रदेश मुख्यालय तक नहीं जाएगा, बल्कि उसी इलाके में संगठन को मजबूत करने, बैठकों, प्रशिक्षण और कार्यकर्ताओं की जरूरतों पर खर्च किया जाएगा.

चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने की तैयारी

कांग्रेस के सामने आने वाले समय में निकाय और विधानसभा चुनाव हैं. ऐसे में पार्टी चाहती है कि चुनाव के पहले संगठन हर स्तर पर सक्रिय और मजबूत हो. पार्टी का मानना है कि छोटे‑छोटे सहयोग से तैयार यह फंड न सिर्फ आर्थिक सहारा बनेगा, बल्कि कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी का एहसास भी कराएगा.

बड़े दानदाताओं से दूरी का फैसला

कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक का कहना है कि पार्टी अब बड़े उद्योगपतियों या सेठ‑साहूकारों पर निर्भर नहीं रहना चाहती. उनके मुताबिक, बड़े चंदे के साथ “बारगेनिंग कैपेसिटी” भी बढ़ जाती है, जिससे संगठन की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है. इसलिए कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं और आम लोगों से ही सहयोग लेना चाहती है.

मुकेश नायक, अध्यक्ष कांग्रेस मीडिया विभाग ने बताया कि उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के पास बीजेपी की तरह बड़े‑बड़े चंदा देने वाले नहीं हैं, लेकिन जनता और कार्यकर्ताओं का भरोसा ही पार्टी की असली ताकत है.

AICC को भेजा गया प्रस्ताव

पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस नए फंड मॉडल के प्रस्ताव को मंजूरी के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) को भेजा गया है. जुटाए गए संसाधनों का इस्तेमाल कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण, संगठन निर्माण और गतिविधियों पर किया जाएगा, ताकि पार्टी किसी एक व्यक्ति या समूह पर निर्भर न रहे.

जिला‑ब्लॉक अध्यक्षों को मिलेगा टारगेट

कांग्रेस जिला और ब्लॉक अध्यक्षों का सम्मेलन कर उनके कामकाज की समीक्षा भी कर रही है. इसी दौरान उन्हें फंड कलेक्शन का लक्ष्य दिया गया है. पार्टी ने साफ कर दिया है कि केवल पद पर बैठने वाले नहीं, बल्कि काम करने वाले नेताओं को ही आगे बढ़ाया जाएगा. निष्क्रिय नेताओं पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.

‘चंदा' नहीं, ‘अनुग्रह राशि'

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने इस रकम को चंदा कहने से इनकार किया है. उनका कहना है कि यह “अनुग्रह राशि” है, जो कांग्रेस की विचारधारा से सहमत लोग खुशी‑खुशी देंगे. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पैसा उसी विधानसभा क्षेत्र में खर्च होगा और इसका सीधा संबंध भोपाल से नहीं होगा.

बीजेपी ने उठाए सवाल

बीजेपी ने कांग्रेस के इस अभियान पर सवाल खड़े किए हैं. प्रदेश बीजेपी उपाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी नकल करने की कोशिश कर रही है. उनका कहना है कि कांग्रेस का जनाधार कमजोर हो चुका है, ऐसे में जनता से आर्थिक सहयोग मिलना उसके लिए मुश्किल होगा. 

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