विज्ञापन

Success Story: 'जब तक सफलता नहीं, तब तक शादी नहीं...' एक संकल्प ने बदल दी मयंका चौरसिया की जिंदगी, 9वीं प्रयास में बनीं DSP

Mayanka Chaurasia Story: जब तक सफलता नहीं मिलेगी, तब तक मैं शादी नहीं करूंगी... छतरपुर की रहने वाली मयंका चौरसिया का एक संकल्प, जो संघर्ष, मेहनत और कामयाबी की म‍िसाल बन गईं. हालांकि जीवन के 9 साल झोंकने के बाद मयंका को DSP की वर्दी मिली.

Success Story: 'जब तक सफलता नहीं, तब तक शादी नहीं...' एक संकल्प ने बदल दी मयंका चौरसिया की जिंदगी, 9वीं प्रयास में बनीं DSP

Mayanka Chaurasia Success Story: सफलता की कहानियां तो बहुत होती हैं, लेकिन अक्सर उन कहानियों के पीछे छिपे कड़े संघर्ष, कई असफलताओं, त्याग और रातों की नींद हराम करने वाली मेहनत की अनदेखी कर दी जाती है.  MPPSC 2023 की परीक्षा में कई अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की और DSP बने, लेकिन इन तमाम सफल कैंडिडेट की भीड़ में मयंका चौरसिया की कहानी छिपी रह गई. अब जब यह सामने आई तो हर कोई हैरान है. 

9वीं प्रयास में मिली असफलता

छतरपुर के लवकुश नगर की रहने वाली मयंका चौरसिया ने एमपीपीएससी 2023 की परीक्षा में 10वीं रैंक हासिल की है. उनका चयन DSP के पद पर हुआ. यह कहानी सिर्फ DSP बनने तक की नहीं है. ये कहानी है ‘जिद' और ‘जुनून' का, जिसे सदियों तक याद रखा जाएगा. दरअसल, यहां तक पहुंचने से पहले मयंका चौरसिया को लगातार 8 बार असफलताओं का सामना करना पड़ा. 

साल दर साल परीक्षा देना, इंटरव्यू तक पहुंचना और फिर चंद नंबरों से रह जाना- यह सिलसिला एक या दो बार नहीं बल्कि 8 बार चला. लोग बातें बनाने लगे थे... परिवार और रिश्तेदार शादी का दबाव डालने लगे थे, लेकिन मयंका के सिर पर खाकी का जुनून सवार था.

परिवार और रिश्तेदार डालने लगे थे शादी का दबाव

मयंका ने घर-परिवार और समाज के दबाव के आगे झुकने के बजाय अपने सपनों की खातिर खुद से एक कठिन वादा किया और अपने सपनों के लिए समाज से लड़ती रही. मयंका चौरसिया ने तय कर लिया था कि वो तब तक मंडप में नहीं बैठेंगी, जब तक उनकी वर्दी पर सितारे न लग जाएं. हालांकि 8 बार की नाकामी और सालों के इंतजार के बाद एमपीपीएससी 2023 की परीक्षा में यानी 9वीं बार में मयंका ने वो कर दिखाया, जिसने पूरे मध्य प्रदेश को चौंकाया. 

Latest and Breaking News on NDTV

2016 में सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की

मयंका चौरसिया छतरपुर जिले से 50 किलोमीटर दूर लवकुश नगर के चौरसिया मोहल्ला की रहने वाली है. मयंका के पिता  आरपी चौरसिया सेवानिवृत्त बीईओ हैं. मयंक चौरसिया की शुरुआती पढ़ाई लवकुश नगर हुई. इसके बाद उन्होंने भोपाल के बंसल कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. बता दें कि पढ़ाई पूरी करने के बाद साल 2016 से उन्होंने सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की.

Latest and Breaking News on NDTV

बिना कोचिंग हासिल की सफलता

शुरुआती वर्षों में उन्हें प्रीलिम्स में सफलता मिली, लेकिन मेन्स परीक्षा में सफलता नहीं हासिल कर पायी. हालांकि वो रुकने के बजाय मेहनत करती रहीं. इस दौरान उनके परिवार का सपोर्ट मिला और उन्हें आगे बढ़ने का हौंसला दिया. वहीं 2019 और 2020 में इंटरव्यू तक पहुंची, लेकिन फाइनल लिस्ट से वो बाहर हो गई. 2021 में फिर प्रयास किया और दोगुनी मेहनत के साथ बढ़ती रहीं. मेन्स तक पहुंचीं, लेकिन स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतों की वजह से परीक्षा बीच में छोड़नी पड़ी. इन सब के बावजूद मंयका ने हार नहीं मानी और स्वास्थ्य ठीक होने के बाद एक बार फिर सिविल सर्विसेज की तैयारियों में जुट गई.  हालांकि इस बार मयंका चौरसिया ने दोगुनी ऊर्जा से तैयारी शुरू की और MPPSC पर फोकस रखा. 

मयंका चौरसिया का एक लक्ष्य था- 'सिविल सर्विसेज' 

मयंका चौरसिया ने बताया कि इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद मैंने एक ही लक्ष्य रखा और वो था- सिविल सर्विसेज 

मयंका के बड़े भाई शिवाकर चौरसिया ने बताया, 'मयंका ने कोई भी कोचिंग का सहारा नहीं लिया... इंदौर में रहकर खुद अध्यन किया. अपनी दम पर यह मुकाम हासिल किया है. मयंका वर्ष 2016 में बीटेक करने के बाद लगातार सिविल सेवा की तैयारी कर रही थी.

Latest and Breaking News on NDTV

रोजाना 8 घंटे करती थी पढ़ाई

मयंका बताती है कि वो रोजाना 8 घंटे पढ़ाई करती थी. कोचिंग की जगह खुद पर भरोसा किया और समय का सही उपयोग किया. इस सफलता के पीछे आत्मविश्वास ही सबसे बड़ी ताकत है. मयंका ने कहा कि सपनों को सच करने के लिए बस एक चीज चाहिए और वो है लगातार कोशिश करते रहना. इससे सफलता जरूर मिलती है. उन्होंने बताया कि असफलता ने मुझे तोड़ा नहीं और मजबूत किया है. मैंने ठान लिया था कि कोशिश करते रहना है. एक दिन सफलता जरूर मिलेगी.

मयंका चौरसिया आगे बताती हैं कि मैं समाज और परिवार के प्रेशर के बीच ठान लिया कि जब तक सेलेक्शन नहीं होगा. तब शादी नहीं करूंगी. 8 बार मेन्स परीक्षा दी और फिर एक दिन ऐसा है आया जब जीवन के 9 साल झोंकने के बाद DSP की वर्दी मिली.

ये भी पढ़ें: Success Story: कोरोना में छूटी नौकरी, फिर यूट्यूब से सीखा काम और 10 लाख लोन लेकर सागर में खड़ी कर दी खुद की फैक्ट्री

MPCG.NDTV.in पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार,लाइफ़स्टाइल टिप्स हों,या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें,सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close