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This Article is From Jan 27, 2026

छत्तीसगढ़ के SIR में बड़ा खेला उजागर, कांग्रेस के पूर्व व वर्तमान पार्षदों के नाम कटने पर मचा सियासी बवाल

SIR News: कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि शहर के महादेव वार्ड, शीतला पारा वार्ड सहित कई इलाकों में लंबे समय से निवास कर रहे नागरिकों को बाहरी बताकर उनके नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए आवेदन दिए गए. पार्टी का दावा है कि जिन लोगों के नाम काटने की कार्रवाई की जा रही है, उनके पास 2003 से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड मौजूद हैं.

छत्तीसगढ़ के SIR में बड़ा खेला उजागर, कांग्रेस के पूर्व व वर्तमान पार्षदों के नाम कटने पर मचा सियासी बवाल

Chhattisgrah Sir News: छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के अंतिम चरण में कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर कार्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई. पार्टी का कहना है कि कांग्रेस समर्थकों, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के परिवारों के नाम जबरन काटने के लिए सुनियोजित तरीके से आवेदन लगाए गए हैं. कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया से छेड़छाड़ बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है.

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि शहर के महादेव वार्ड, शीतला पारा वार्ड सहित कई इलाकों में लंबे समय से निवास कर रहे नागरिकों को बाहरी बताकर उनके नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए आवेदन दिए गए. पार्टी का दावा है कि जिन लोगों के नाम काटने की कार्रवाई की जा रही है, उनके पास 2003 से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड मौजूद हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि नाम कटने वालों में एक पूर्व पार्षद और एक वर्तमान पार्षद के परिवार के सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं.

कांग्रेस ने बीजेपी पर लगाया राजनीतिक साजिश का आरोप

जिला कांग्रेस अध्यक्ष बसंत यादव ने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है. उनके अनुसार, विपक्षी दल कांग्रेस से जुड़े लोगों को निशाना बनाकर उनके वोटिंग अधिकारों को प्रभावित करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जिस तरह अन्य राज्यों में मतदाता सूची को लेकर विवाद हुए, वैसा ही खेल यहां भी दोहराया जा रहा है. कांग्रेस का कहना है कि यह लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश है.

“हमने तो आवेदन ही नहीं दिया”

कांग्रेस नेता सुनील गोस्वामी ने बताया कि जिन नागरिकों के नाम से आवेदन लगाए गए, जब उनसे संपर्क किया गया तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया कि उन्होंने ऐसा कोई आवेदन दिया है. इससे कांग्रेस को शक है कि फर्जी हस्ताक्षर या पहचान का दुरुपयोग कर आवेदन लगाए गए. पार्टी ने जिला प्रशासन से इस पहलू की गहन जांच कराने की मांग की है.

प्रशासन ने शुरू की जांच, कमेटी गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए कांकेर कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर ने पुष्टि की है कि शिकायत प्राप्त हुई है. उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी गई है. जांच में यदि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा सामने आता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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मतदाता सूची में नाम जुड़ना या कटना केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा विषय है. ऐसे में यदि किसी भी स्तर पर फर्जी आवेदन या राजनीतिक हस्तक्षेप की पुष्टि होती है, तो यह चुनावी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करेगा. अब सबकी नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी है.

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