kranti gaud interview: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उभरती हुई स्टार खिलाड़ी क्रांति गौड़ ने इंग्लैंड के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर अपने शानदार प्रदर्शन से इतिहास रच दिया है. इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में पांच विकेट लेकर टीम इंडिया की जीत की सबसे बड़ी नायिका बनीं क्रांति गौड़ ने लॉर्ड्स के मैदान पर अपना नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला खिलाड़ी बनने का गौरव भी हासिल किया. इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद क्रांति गौड़ ने NDTV से विशेष बातचीत में अपने संघर्ष, सपनों और इस यादगार पल की भावनाओं को साझा किया.
क्रांति गौड़ ने कहा- जब वह लॉर्ड्स के मैदान पर उतर रही थीं, तब उनके मन में सिर्फ एक ही बात चल रही थी कि "स्कोर बोर्ड पर पहला नाम मेरा होना चाहिए." वह पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरी थीं और जैसा उन्होंने सोचा था, वैसा ही हुआ. उन्होंने अपनी सटीक गेंदबाजी से इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करते हुए पांच महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए और भारत की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई.
लॉर्ड्स में खेलना हर क्रिकेटर का सपना

women cricket team: kranti gaud exclusive interview
बुंदेलखंड से लॉर्ड्स तक का कठिन सफर
NDTV से बातचीत के दौरान क्रांति गौड़ ने अपने जीवन के संघर्षों का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि उनका सफर बिल्कुल आसान नहीं रहा. बुंदेलखंड जैसे क्षेत्र से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक पहुंचने के लिए उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. सीमित संसाधन, बेहतर सुविधाओं का अभाव और आर्थिक चुनौतियां उनके रास्ते में कई बार आईं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी. परिवार का सहयोग, कोच का मार्गदर्शन और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने हर चुनौती को पार किया.
सीमित सुविधाओं में भी बना रहा बड़ा करने का जज्बा
सफलता का श्रेय परिवार और कोच को दिया
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवार, कोच और टीम प्रबंधन को दिया. क्रांति ने कहा कि अगर परिवार ने उन पर भरोसा नहीं किया होता और हर कदम पर उनका साथ नहीं दिया होता, तो शायद वह आज इस मुकाम तक नहीं पहुंच पातीं. उन्होंने अपने सभी प्रशिक्षकों का भी दिल से आभार जताया, जिन्होंने उनकी प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

kranti gaud interview: क्रांति ने कहा कि लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदान पर खेलने का सपना हर क्रिकेटर देखता है.
ग्रामीण और छोटे शहरों की बेटियों को खास संदेश
"यह जीत पूरे बुंदेलखंड की है"
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि पूरे बुंदेलखंड और उन सभी लड़कियों की जीत है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखती हैं. उनका मानना है कि अब क्षेत्र की कई बेटियां क्रिकेट और अन्य खेलों में आगे आने के लिए प्रेरित होंगी.
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बुंदेलखंड की धरती से निकलकर दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित क्रिकेट मैदान लॉर्ड्स पर पांच विकेट लेने वाली क्रांति गौड़ ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती. दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और आत्मविश्वास के बल पर हर मंजिल हासिल की जा सकती है. उनकी यह सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है.
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