विज्ञापन
This Article is From Mar 05, 2026

पुलिस कर्मी के थप्पड़ से नाराज़ युवक ने की आत्महत्या, 5वीं मंजिल से लगाई छलांग

इंदौर के टॉप टिप परिसर में मानसिक रूप से बीमार युवक की दर्दनाक मौत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. देर रात टहल रहे युवक को एक पुलिस कर्मी ने थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद वह डर के कारण 5वीं मंज़िल से कूद गया और उसकी मौत हो गई.

पुलिस कर्मी के थप्पड़ से नाराज़ युवक ने की आत्महत्या, 5वीं मंजिल से लगाई छलांग

Indore Police Slap Suicide Case: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी में एक दर्दनाक घटना सामने आई. देर रात बिल्डिंग के नीचे टहल रहे मानसिक रूप से बीमार युवक को एक पुलिस कर्मी ने थप्पड़ मारा, जिसके बाद वह घबराकर ऊपर भागा और 5वीं मंजिल से छलांग लगा दी. परिजनों के सामने हुई इस घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं.

मामला नगर थाना क्षेत्र के टॉप टिप परिसर का है. बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे यह हादसा हुआ. मृतक की पहचान राज पिता मनोज के रूप में हुई. परिवार के मुताबिक, राज मानसिक रूप से कमजोर था और उसे सांस लेने में तकलीफ रहती थी. गर्मी और बेचैनी के कारण वह देर रात बिल्डिंग के नीचे टहल रहा था.

थप्पड़ के बाद बढ़ा डर, लगाई छलांग

टहलते समय चौकीदार ने उसे रोका और तभी पुलिस की गाड़ी वहां पहुंच गई. परिजनों का कहना है कि एक पुलिस कर्मी ने राज को थप्पड़ जड़ दिया, जिसके बाद वह घबराहट में सीढ़ियां चढ़कर 5वीं मंजिल तक पहुंचा और परिजनों के सामने ही नीचे छलांग लगा दी. नीचे गिरते ही उसकी हालत गंभीर हो गई और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई.

परिजनों का दर्द- इलाज चल रहा था, बहस भी हुई थी

परिजनों ने बताया कि राज का मानसिक इलाज चल रहा था. पुलिस से सामना होने पर वह घबरा गया और उसकी बहस भी हो गई, क्योंकि वह मानसिक रूप से अस्थिर था. परिवार का कहना है कि उन्होंने पुलिस कर्मियों को राज की स्थिति बताई थी, राज ने माफी भी मांगी, लेकिन इसी दौरान उसे थप्पड़ मार दिया गया. इसके बाद से वह और ज्यादा आतंकित हो गया और हादसा हो गया.

पुलिस की कार्रवाई 

घटना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है. किस पुलिस कर्मी ने थप्पड़ मारा, उस समय ड्यूटी और प्रक्रियाएं क्या थीं—इन सवालों पर जवाब ढूंढे जा रहे हैं. परिवार न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि स्थानीय लोग भी संवेदनशील हैंडलिंग और मानसिक स्वास्थ्य मामलों में प्रशिक्षण की जरूरत पर जोर दे रहे हैं.

यह घटना बताती है कि मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति से निपटने में संवेदनशील व्यवहार कितना जरूरी है. सुरक्षा एजेंसियों और हाउसिंग स्टाफ के लिए ऐसे मामलों में डी-एस्केलेशन और क्राइसिस इंटरवेंशन का प्रशिक्षण मददगार हो सकता है. साथ ही, परिवारों के लिए भी आपात स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन और चिकित्सकीय सहायता तक पहुंच सुनिश्चित करना जरूरी है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

MPCG.NDTV.in पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार,लाइफ़स्टाइल टिप्स हों,या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें,सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com