Indore Water Crisis: देश के सबसे साफ शहर इंदौर शहर इन दिनों पानी को लेकर दहशत में है. नगर निगम की सप्लाई से आ रहा पानी इतना खराब हो गया है कि लोग उसे पीना तो दूर, चाय बनाने के लिए भी इस्तेमाल नहीं कर रहे. हालात ऐसे हैं कि दुकानों पर भी ग्राहक खासतौर पर पूछ रहे हैं कि चाय RO के पानी से बनी है या नहीं. दूषित पानी से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे लोगों का डर और बढ़ गया है.
भरोसे का संकट
नगर निगम के टैंकर और समाजसेवी संस्थाएं पानी की सप्लाई कर रही हैं, लेकिन लोगों का कहना है कि उन्हें निगम के टैंकर पर भरोसा नहीं है. कई परिवार समाजसेवी संस्थाओं से पानी ले रहे हैं या फिर मजबूरी में खरीदकर इस्तेमाल कर रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके पास इतना पैसा नहीं है कि हर घर RO या वॉटर प्यूरीफायर लगा सके.
बीमारियों ने बढ़ाया डर
पिछले कुछ दिनों में उल्टी-दस्त और पेट से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं. इसके बाद लोगों ने नल और बोरिंग का पानी पीना बंद कर दिया है. अब परिवार खाना बनाने के लिए भी बाहर से पानी मंगवा रहे हैं. हर घर में चिंता का माहौल है और लोग किसी भी तरह सुरक्षित पानी पाने की कोशिश कर रहे हैं.
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मृतक परिवार से मिलने पहुंचे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
भागीरथपुरा में रहने वाले जीवनलाल की दूषित पानी के कारण मौत हो गई. इस घटना के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने परिजनों से मुलाकात की. पीड़ित परिवार का कहना है कि यह सिर्फ उनके घर की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे इलाके में हर घर का कोई न कोई सदस्य बीमार है. लगातार शिकायतों के बावजूद पानी की लाइन की मरम्मत नहीं की गई.
सुरक्षित पानी की मांग
भागीरथपुरा के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इलाके में पानी की गुणवत्ता की तुरंत जांच कराई जाए और सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था की जाए. उनका कहना है कि जब तक पानी को लेकर भरोसा बहाल नहीं होगा, तब तक यह डर का माहौल खत्म नहीं होगा. लोग चाहते हैं कि प्रशासन जल्द कदम उठाए ताकि रोजमर्रा की जिंदगी सामान्य हो सके और सभी को सुरक्षित पानी मिल सके.
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