विज्ञापन

इंदौर लूट कांड: दो पुलिसकर्मी बर्खास्त कर भेजा जेल; आरोपियों के साथ मिलकर रची थी साजिश

इंदौर के पलासिया रिंग रोड लूट कांड में दो पुलिसकर्मियों को विभागीय जांच के बाद सेवा से बर्खास्त कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया. आरोप है कि आरक्षक अविनाश चंद्रवंशी और मनोज मालवीय ने सोहेल और नावेद के साथ मिलकर व्यापारी अब्दुल फहद से करीब 2 लाख रुपये और 4500 USDT जबरन ट्रांसफर कराए.

इंदौर लूट कांड: दो पुलिसकर्मी बर्खास्त कर भेजा जेल; आरोपियों के साथ मिलकर रची थी साजिश

Indore loot case 2026: इंदौर के पलासिया रिंग रोड क्षेत्र में हुई लूट की वारदात ने पूरे पुलिस विभाग को हिला कर रख दिया है. चौकाने वाली बात यह रही कि इस अपराध में दो पुलिसकर्मी भी शामिल पाए गए. विभागीय जांच में दोषी पाए जाने के बाद दोनों को न केवल सेवा से बर्खास्त किया गया, बल्कि कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया. मामले के खुलासे ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

लूट में पुलिसकर्मियों की मिलीभगत  

डीसीपी जोन-2 कुमार प्रतीक ने बताया कि एमआईजी थाना में पदस्थ आरक्षक अविनाश चंद्रवंशी (क्रमांक 3512) और आरक्षक मनोज मालवीय (क्रमांक 2217) को दोषी पाए जाने पर बर्खास्त किया गया है. दोनों पर आरोप है कि उन्होंने अपने साथियों सोहेल और नावेद के साथ मिलकर एक व्यापारी से लूट की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया.

लाखों रुपए और क्रिप्टो लूटने का आरोप

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने व्यापारी अब्दुल फहद को निशाना बनाया था. चारों ने मिलकर उससे लगभग 2 लाख रुपए नकद और 4500 USDT (क्रिप्टोकरेंसी) जबरन ट्रांसफर कराई. घटना के सामने आते ही पुलिस आयुक्तालय में खलबली मच गई और तत्काल जांच शुरू की गई.

Latest and Breaking News on NDTV

जांच में खुली गड़बड़ी, पुलिसकर्मी भी बने आरोपी

शुरू में केवल सोहेल और नावेद को आरोपी बनाया गया था. लेकिन जांच आगे बढ़ने पर संदेह गहराया कि इस वारदात में पुलिसकर्मियों की भी सीधी भूमिका हो सकती है. सबूत मिलने के बाद अगले ही दिन दोनों आरक्षकों को भी आरोपी बनाकर गिरफ्तार किया गया और कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

पहले भी लगे थे गंभीर आरोप

सूत्रों के अनुसार, दोनों पुलिसकर्मियों पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके थे. विभाग इनके व्यवहार और गतिविधियों पर पहले से नजर रख रहा था. यह घटना सामने आने के बाद विभाग के भीतर अनुशासन और ईमानदारी को लेकर फिर से बहस शुरू हो गई है.

डीसीपी का बयान- कानून सबके लिए बराबर

डीसीपी कुमार प्रतीक ने स्पष्ट कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासन से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. किसी भी कर्मचारी द्वारा कानून का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई निश्चित है. उन्होंने कहा कि विभाग की छवि खराब करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.

MPCG.NDTV.in पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार,लाइफ़स्टाइल टिप्स हों,या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें,सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close