Indore Contaminated Water: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. 10 जनवरी 2026 को एक और महिला की मौत हो गई. इस तरह दूषित पानी से अब तक 21 लोगों की जान जा चुकी है.
मृतका की पहचान 50 वर्षीय सुनीता वर्मा, पति सतीश वर्मा के रूप में हुई है. वह पिछले तीन दिनों से एमवाय अस्पताल में भर्ती थीं. इलाज के दौरान उनकी किडनी डैमेज होने की पुष्टि हुई थी. महिला का पोस्टमार्टम रविवार को किया जाएगा.
गौरतलब है कि दिसंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी के सेवन के बाद उल्टी-दस्त की शिकायतें सामने आने लगी थीं. इसके बाद हालात तेजी से बिगड़े और 400 से अधिक लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हुए. लगातार हो रही मौतों के चलते मामला राजनीतिक मुद्दा भी बना और इंदौर नगर निगम के अधिकारियों पर कार्रवाई की गई.
इंदौर दूषित पानी कांड में राहत की बात यह है कि अब नए मरीजों की संख्या पहले की तुलना में कम होने लगी है. शुक्रवार को डायरिया के 15 नए मरीज सामने आए, जिनमें से दो को भर्ती किया गया. अब तक कुल 414 मरीजों में से 369 को उपचार के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज किया जा चुका है.
फिलहाल 45 मरीजों का इलाज जारी है. इनमें से 11 की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें आईसीयू में रखा गया है. चार मरीज वेंटिलेटर पर हैं. डॉक्टरों की टीमें लगातार मरीजों की निगरानी कर रही हैं.
बता दें कि इंदौर नगर निगम अपने कुल बजट का लगभग 25 से 30 प्रतिशत हिस्सा पानी और स्वच्छता पर खर्च करता है. यह खर्च 2021-22 में 1,680 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में प्रस्तावित 2,450 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि इसी अवधि में निगम का कुल बजट 5,135 करोड़ रुपये से बढ़कर 8,200 करोड़ रुपये से अधिक हो गया.