Madhya Pradesh News: मध्य प्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र हुई दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद क्षेत्र में रहवासियों के रिंग सर्वे एवं फॉलोअप सर्वे का कार्य लगातार जारी है. इस फॉलोअप सर्वे के माध्यम से घर-घर जाकर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है और नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की समझाईश भी दी जा रही है. स्थिति का जायजा लेने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा और मिशन संचालक स्वास्थ्य डॉ. सलोनी सिडाना भी क्षेत्र में पहुंचे. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही गतिविधियों की जानकारी ली, नागरिकों से चर्चा की और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के बारे में समझाया.
कलेक्टर शिवम वर्मा आज सुबह ही नगर निगम, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य, पीएचई के अमले के साथ क्षेत्र में पहुंचे. बताया गया कि स्वयंसेवी संस्थाओं के 200 से अधिक सदस्यों के माध्यम से रिंग सर्वे कराया जा रहा है. नागरिकों को टेंकर के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है. नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा रहा है. उन्हें समझाईश दी जा रही है कि पानी उबाल कर पीयें, स्वच्छता का ध्यान रखें, बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.
कमी नहीं आने दी जाएगी
इसी तरह मिशन संचालक स्वास्थ्य डॉ. सलोनी सिडाना ने भी प्रभावित क्षेत्र भागीरथपुरा का भ्रमण किया. उन्होंने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भागीरथपुरा में कार्यरत स्टॉफ, इलाज, रेफरल मेकेनिजम, औषधियों की उपलब्धता, रिकार्ड संधारण को देखा और उन्होंने सभी व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि इलाज और व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी.
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हासानी ने बताया कि इंदौर में 03 जनवरी 2026 को स्वास्थ्य विभाग ने एक मजबूत रणनीति को अपनाते हुए फील्ड में 16 टीम लगाई, हर टीम में 09 मेंबर है, जिसमें मेडिकल ऑफिसर, नर्सिग ऑफिसर, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाईजर और एन.जी.ओ. हैं.
क्षेत्र में रिंग सर्वे एवं फॉलोअप सर्वे लगातार चल रहा है, स्वास्थ्य विभाग द्वारा पानी को पूर्णतया सुरक्षित रखने के लिए क्लोरीवेट ड्रॉप वितरित किए जाएंगे. दल के सदस्य मरीज को दवाई का डोज पूरा लेने का आग्रह कर रहे हैं और धात्री माताओं को यह समझाईश दी जा रही है कि 06 माह तक के बच्चों को केवल और केवल मां का दूध ही पिलाएं.
डॉ. हासानी ने बताया कि आज कुल 5079 घरों का सर्वे किया गया जिसमें 25395 लोगों की जांच की गई, जिसमें 65 हल्के लक्षणों वाले मरीज पाए गए, जिनका वहीं पर प्राथमिक उपचार किया गया, 429 पुराने केस फॉलोअप किये गए और 15 मरीजों को ओपीडी में रेफर किया गया.
क्षेत्र में 05 एम्बुलेंस लगाई गई है, 24x7 चिकित्सकों की ड्यूटी क्षेत्र में लगाई गई है, मरीजों को एम. व्हाय. चिकित्सालय, अरविंदों अस्पताल तथा बच्चों को चाचा नेहरु अस्पताल में रेफर किया जा रहा है. मरीज निजी चिकित्सालयों में जा रहें हैं, वहां पर भी निःशुल्क उपचार, जांच एवं औषधि उपलब्ध कराई जा रही है. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हासानी ने बताया कि अभी तक विभिन्न अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या 354 है. इनमें से अभी तक कुल 205 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है. इस तरह वर्तमान में कुल 149 मरीज अस्पताल में भर्ती है, जिनका उपचार किया जा रहा है. वर्तमान में आईसीयू में 20 मरीज भर्ती है.
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