
MP News: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) संभाग के गुना जिले में बुधवार की रात दिल दहला देने वाला हादसा हुआ था. जिसमें एक बस और डंपर में टक्कर लगने के चलते भीषण आग लग गई थी. इस हादसे में 13 यात्रियों की मौत हुई थी. मामले के बाद ग्वालियर जिला प्रशासन भी अपनी तरफ से सतर्क हो गया है. परिवहन और पुलिस विभाग ने गुरुवार को लगभग एक सैकड़ा गाड़ियों की चेकिंग की. इसमें बसों के लाइसेंस और परमिट वगैरह चैक किए गए. इसी कड़ी में दिल्ली पब्लिक स्कूल की एक बस को बिना कागजात के चलने पर उसे जब्त किया गया है. बस के मालिक के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया जाएगा.
यातायात और परिवहन विभाग की यह कार्रवाई स्कूली बसों को लेकर की गई. दरअसल, ग्वालियर से भिंड, मुरैना, डबरा, शिवपुरी, दतिया चलने वाली ज़्यादातर बसों के फिटनेस सर्टिफिकेट और परमिट हमेशा संदिग्ध रहते हैं. बस माफिया राज्य परिवहन निगम के बंद होने के बाद पूरी तरह से यात्रियों से अवैध वसूली पर आमादा है. यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सदैव सवाल उठते रहते हैं. अक्सर यह भी देखने में आया है कि इन बसों में फर्स्ट एड इमरजेंसी गेट डबल डोर और फिटनेस अक्सर गायब रहती है. इसी कड़ी में ग्वालियर पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया.
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दरअसल, गुना की घटना के बाद अब सरकार के रवैये के चलते परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने अपनी ओर से यह कार्रवाई शुरू कर दी है. ट्रैफिक थाना प्रभारी हिमांशु तिवारी का कहना है कि आज से स्कूल बसों की चैकिंग शुरू की गई. यह कवायद आगे भी जारी रहेगी. मुख्यमंत्री ने गुना में हुई दुर्घटना के बाद ऐसा तगड़ा चाबुक चलाया कि प्रशासन में हड़कंप मच गया. CM ने गुना के कलेक्टर और SP को हटाने के साथ ही परिवहन आयुक्त और प्रमुख सचिव को भी तत्काल प्रभाव से हटा दिया. इसके अलावा गुना के RTO और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को भी तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया.
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