Gwalior Jayarogya Hospital: ग्वालियर स्थित अंचल के सबसे बड़े अस्पताल जयारोग्य चिकित्सा समूह में डॉक्टर्स की बड़ी लापरवाही सामने आई है. मृतक के परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है. परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने पुरुष मरीज का इलाज किसी अन्य महिला की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कर दिया गया. गलत रिपोर्ट और गलत इलाज से पेशेंट की दो घंटे बाद मौत हो गई. बताया जा रहा है कि दिलीप को हार्ट में दिक्कत हो रही थीं, लेकिन डॉक्टर किसी अन्य मरीज के ECG रिपोर्ट को देखकर कहते रहे कि इन्हें हार्ट की कोई दिक्कत नहीं है और अंततः दो घंटे बाद पेशेंट की मौत हो गई.
मृतक की बेटी ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और कलेक्टर से की शिकायत
दरअसल, ग्वालियर के गुढ़ी गुढ़ा नाका क्षेत्र की रहने वाले रागिनी जाधव ने इसकी शिकायत मेडिकल कॉलेज प्रबंधन और कलेक्टर से की है. रागिनी ने बताया कि उनके पिता दिलीप को 18 अप्रैल को दोपहर 2:30 बजे जेएएच कैजुअल्टी लाया गया. अस्पताल में हुई ईसीजी जांच की रिपोर्ट जो परिजनों को दी गई वो पुष्पा नामक किसी अन्य महिला की रिपोर्ट थी. रागिनी का आरोप है कि डॉक्टर ने रिपोर्ट पर लिखे नाम को नजरअंदाज किया और उसी के आधार पर दवाएं शुरू कर दीं. इलाज के दौरान उनके पिता की हालत बिगड़ती रही और वो बेहोश हो गए. बार-बार बुलाने पर भी डॉक्टर नहीं आए. बाद में डॉक्टरों ने इसे मिर्गी का दौरा बताया और मरीज को कार्डियोलॉजी के बजाय न्यूरोलॉजी विभाग रेफर कर दिया. जब न्यूरोलॉजी लेकर पहुंचे, तो वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया.
मरीज को बुखार और सीने में दर्द थी
शिकायत में कहा गया है कि ग्वालियर जयारोग्य चिकित्सालय की कैजुअल्टी में बुखार, सीने में दर्द की शिकायत लेकर आए मरीज दिलीप को दूसरे मरीज के ईसीजी रिपोर्ट दे दी गई. मामला 18 अप्रैल का है. रागिनी का आरोप है कि इसी रिपोर्ट के आधार पर उनके मरीज का इलाज जेएएच के डॉक्टरों ने किया. करीब 2 घंटे बाद जब उनकी हालत बिगड़ी तो उसे न्यूरोलॉजी रेफर कर दिया. न्यूरोलॉजी में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
परिजनों का कहना है कि उनके मरीज को घबराहट और सीने में दर्द होने के कारण कार्डियोलॉजी विभाग भेजना था, लेकिन वहां नहीं भेजा और जांच रिपोर्ट गलत दी. इस मामले में परिजन ने मंगलवार को अस्पताल अधीक्षक और कलेक्टर से शिकायत की है. परिजनों का कहना है कि इस मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.
अस्पताल के मीडिया प्रभारी दर मनीष चतुर्वेदी का कहना है कि यह मामला संज्ञान में आया है. दिलीप जाधव नामक पेशेंट का इलाज किसी अन्य मरीज के इसीजी की रिपोर्ट के आधार पर किया गया. इसे अस्पताल प्रबंधन ने काफी गंभीरता से लिया है. इसकी गहन जांच कराई जाएगी और इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.
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