गुना: वेतन और एरियर भुगतान के मामले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की लापरवाही उस पर भारी पड़ती नजर आ रही है. जिला न्यायालय के आदेश पर बुधवार 20 मई को एक बार फिर कुर्की की कार्रवाई की गई. इससे पहले 25 फरवरी 2026 को भी कोर्ट की टीम ने पीडब्ल्यूडी कार्यालय पहुंचकर वाहनों से लेकर कार्यालयीन सामान तक जब्त किया था. उस समय विभाग ने न्यायालय से लिखित में दो महीने का समय मांगा था और भरोसा दिलाया था कि लंबित भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन तय अवधि गुजरने के बाद भी भुगतान नहीं होने पर कोर्ट ने दोबारा कार्रवाई कर दी.
36 लाख का करना है भुगतान
जानकारी के अनुसार, यह मामला पीडब्ल्यूडी के सेवानिवृत्त कर्मचारी कौशल किशोर राठौर से जुड़ा है. राठौर का आरोप है कि विभाग ने लंबे समय तक उन्हें उनके पद के अनुरूप वेतन नहीं दिया. इसके खिलाफ उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था. निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट तक सभी जगह फैसला उनके पक्ष में आया. अदालतों ने विभाग को बकाया वेतन और एरियर भुगतान करने के निर्देश दिए थे. बताया गया कि विभाग ने वर्ष 2013 तक के एरियर का भुगतान तो कर दिया था, लेकिन उसके बाद वर्ष 2014 से लेकर सेवानिवृत्ति तक की राशि का भुगतान लंबित रखा गया. यह रकम करीब 36 लाख रुपए बताई जा रही है. लगातार आदेशों के बावजूद भुगतान नहीं होने पर फरियादी ने इजरा और अवमानना याचिका दायर की थी, जिसके बाद कोर्ट ने वसूली और कुर्की के आदेश जारी किए.
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2 महीने भुगतान करने का दिया था भरोसा
फरियादी कौशल किशोर राठौर ने बताया कि फरवरी में हुई कार्रवाई के दौरान विभाग ने कोर्ट में लिखित में देकर दो महीने में पूरा भुगतान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन तीन महीने बीतने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. इसके चलते कोर्ट की टीम को दोबारा कुर्की कार्रवाई करनी पड़ी. न्यायालय ने 31 दिसंबर 2025 तक कुर्की के माध्यम से राशि वसूलकर भुगतान सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं.
अन्य संपत्तियों पर भी हो सकती है कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, इस बार भी कोर्ट की टीम ने विभागीय संपत्तियों का आकलन किया और आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी की. यदि इसके बाद भी भुगतान नहीं होता है तो आगे विभाग की अन्य संपत्तियों पर भी कार्रवाई हो सकती है. मामले को लेकर विभागीय हलकों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है.