विज्ञापन
This Article is From Jul 18, 2025

e-Attendance System: शिक्षकों ने दी आंदोलन की चेतावनी, ई-अटेंडेंस सिस्टम को लेकर ये हैं मांगे

e-Attendance: ई-अटेंडेंस को लेकर बालाघाट की यह सामूहिक हड़ताल आने वाले दिनों में प्रदेश के अन्य जिलों में भी फैल सकती है. अतिथि शिक्षकों में लगातार यह भावना बढ़ रही है कि सरकार उनके योगदान को नज़रअंदाज़ कर रही है.

e-Attendance System: शिक्षकों ने दी आंदोलन की चेतावनी, ई-अटेंडेंस सिस्टम को लेकर ये हैं मांगे
e-Attendance MP School: शिक्षकों ने दी आंदोलन की चेतावनी

MP Govt school e-Attendance: मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जारी ई-अटेंडेंस संबंधित आदेश के खिलाफ बालाघाट जिले के अतिथि शिक्षकों ने सामूहिक हड़ताल कर विरोध दर्ज कराया. यह विरोध प्रदर्शन अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के नेतृत्व में जिला मुख्यालय में किया गया, जहां शिक्षकों ने एकजुट होकर कलेक्टर को 6 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा और शासन को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए बाध्य होंगे. शिक्षकों का कहना है कि शासन द्वारा बिना आवश्यक संसाधन दिए सीधे ई-अटेंडेंस लागू करना अमानवीय और तानाशाहीपूर्ण निर्णय है. कई ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों में नेटवर्क की समस्या है और अधिकांश अतिथि शिक्षकों के पास एंड्रॉयड फोन तक नहीं है. बावजूद इसके सरकार द्वारा ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर देना, शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करना है.

शिक्षकों की क्या हैं मांग?

वारासिवनी विकासखंड की अतिथि शिक्षिका दीपकला राहंगडाले ने बताया कि सरकार की शर्त है कि ई-अटेंडेंस नहीं लगाने पर मानदेय नहीं मिलेगा, लेकिन हम न तो स्थायी हैं न ही सुविधाओं से युक्त हैं. ऐसे में यह आदेश हमारे अधिकारों का हनन है. हम लंबे समय से ई-अटेंडेंस का विरोध कर रहे हैं. वहीं महकेपार के शिक्षक पेमेंद्र पारधी ने कहा कि हैं, शासन टस से मस नहीं हो रहा. बालाघाट जिले और प्रदेशभर में जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जाएं.

  • रिक्त पदों पर फॉलन आउट अतिथि शिक्षकों को वरीयता दी जाए.
  • पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सितम्बर 2023 को की गई घोषणाओं को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए.
  • स्कोर कार्ड में अनुभव के आधार पर प्रतिवर्ष 10 अंक जोड़े जाएं.
  • चयन परीक्षा में 20 अतिरिक्त अंक तथा विभागीय परीक्षा को राजपत्रित मान्यता प्रदान की जाए.
  • अवकाश की सुविधा दी जाए और नियमित शिक्षकों की तरह वेतनवृद्धि की जाए.
शिक्षकों ने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि वे सरकार तक उनकी मांगें शीघ्र पहुंचाएं और समाधान के प्रयास करें. साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि जल्द कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई तो यह आंदोलन प्रदेशव्यापी रूप ले सकता है.

ई-अटेंडेंस को लेकर बालाघाट की यह सामूहिक हड़ताल आने वाले दिनों में प्रदेश के अन्य जिलों में भी फैल सकती है. अतिथि शिक्षकों में लगातार यह भावना बढ़ रही है कि सरकार उनके योगदान को नज़रअंदाज़ कर रही है.

ज्ञापन के माध्यम से अतिथि शिक्षकों ने 50 से 70 हजार अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं. यदि हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो हम सभी शिक्षक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे. अगर हमें नियमित शिक्षक की तरह सुविधाएं दी जाती हैं तब हम ई-अटेंडेंस का पालन करने को तैयार हैं.

यह भी पढ़ें: Heavy Rain: शिवपुरी में जनजीवन बेहाल; स्कूल गए बच्चे और टीचर पानी में फंसे, SDERF ने किया रेस्क्यू

यह भी पढ़ें: Animal Cruelty: अमानवीयता! बेजुबान डॉग की गोली मारकर हत्या; CCTV में कैद हुई घटना

यह भी पढ़ें: Raja Raghuvanshi Murder Case: सोनम रघुवंशी के सबूत छिपाने वाले सिलोम जेम्स को मिली जमानत

यह भी पढ़ें: ED का बर्थ-डे गिफ्ट! Ex CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को किया अरेस्ट, कांग्रेस का विधानसभा से बहिष्कार

पूरी स्टोरी पढ़ें

MPCG.NDTV.in पर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें. देश और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं. इसके अलावा, मनोरंजन की दुनिया हो, या क्रिकेट का खुमार,लाइफ़स्टाइल टिप्स हों,या अनोखी-अनूठी ऑफ़बीट ख़बरें,सब मिलेगा यहां-ढेरों फोटो स्टोरी और वीडियो के साथ.

फॉलो करे:
Close
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com